अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन बोलीं सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे केस

अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 दिसंबर को जिस भूमि को अतीक अहमद की बताकर पूजन किया है उसका मुकदमा हाईकोर्ट में चल रहा है। ऐसे में यह जमीन विवादित है। सीएम योगी को स्थानीय विधायक ने पूरी बात नहीं बताई है। उन्हें भ्रमित कर विवादित जमीन पर भूमिपूजन करा दिया है।

शाइस्ता परवीन ने कहा कि इस जमीन पर 50 गरीब परिवार फ्रेी में रहते थे। उन्हें उजाड़ दिया गया। यह कहां का न्याय है। हम उस जमीन के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे। उसे खाली कराकर फिर से गरीबों के लिए घर बनाएंगे।

जमीन अतीक की नहीं, रफातुल्ला और अच्छे भाई की थी

शाइस्ता ने आगे कहा कि जिस जमीन को अतीक अहमद की बताकर उसपर गरीबों के घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन किया है, दरअसल वह जमीन अतीक अहमद की है ही नहीं। वह जमीन हमारे शौहर अतीक के अजीज दोस्त रफातुल्ला और अच्छे भाई की थी। दोनों के नाम बाकायदा रजिस्ट्री है। हां, इस जमीन का प्रयोग हमारे पति अतीक अहमद चुनाव प्रचार और प्रचार सामग्री रखने के लिए करते थे। इस बंगले का हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा है। इसमें सरकार भी पार्टी है। प्रशासन ने इस बात को छुपाकर चुनावी स्टंट किया है।

क्षेत्रीय विधायक ने मुख्यमंत्री को भ्रमित किया

सिद्धार्थ नाथ सिंह का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भ्रमित करके उस जमीन पर भूमि पूजन कराया है। अगर स्थानीय विधायक को गरीबों की इतनी ही फिक्र है तो वे उस जमीन पर अपने पैसे से घर बनाकर दें हम अपनी पुश्तैनी जमीनों गरीबों को देने को तैयार हैं।

हमारे आफिस के सामने जो घर तोड़ा गया उसके सामने 50 गरीब परिवार रहते थे। उन्हें उजाड़ दिया गया। हमारा अपना मकान न गिरा होता तो हम उन गरीबों को यहीं बसाते। क्षेत्रीय विधायक ने तो उन्हें उजाड़ दिया पर अतीक के जेल से निकलने के बाद उन्हें फिर से अपनी जमीन पर बसाया जाएगा।

अबकी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे सिद्धार्थ नाथ

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक की हालत तो सबसे ज्यादा खश्ता है। उनकी अबकी जमानत भी बचने की उम्मीद नहीं है। पिछली बार वो कैसे जीते थे सभी जानते हैं। अपनी खश्ताहालत छिपाने के लिए अतीक के बंगले पर बुलडोजर चलवाकर गरीबों का घर उजड़वाए हैं। क्षेत्रीय विधायक गरीबों से पैसा लेकर उन्हें बसाने को कह रहे हैं। हम गरीबों को अपने खर्चे पर बसवाएंगे।

विधायक अपने पैसे से गरीबों का घरबनवाएं हम अपनी पुश्तैनी जमीन देंगे

शाइस्ता ने आगे कहा कि सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को यह नहीं बताया कि इस जमीन का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। अगर सिद्धार्थ नाथ सिंह को इतना ही शौक है गरीबों को बसाने का तो अपने पैसे से गरीबों के लिए घर बनवाएं। हम अपनी पुश्तैनी जमीन भी गरीबों को दान कर देंगे।

प्रशासन ने नहीं दी थी प्रेस वार्ता की अनुमति

प्रशासन ने शाइस्ता परवीन को होटल मिलन पैलेस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की अनुमति नहीं दी। उन्होंने प्रेस क्लब से अनुमति ली थी, लेकिन होटल की तरफ से उन्हें फोन करके कहा गया कि वह परमिशन नहीं दे सकते। प्रशासन की तरफ से होटल के प्रबंधन को कहा गया था कि अगर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने दी गई, तो होटल के खिलाफ एफआईआर की जाएगी। होटल के अंदर प्रेस कॉन्फ्रेंस की अनुमति न मिलने से शाइस्ता परवीन ने पत्रकारों से होटल के बाहर चर्चा की।

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