आजीवन बैन हटने के बाद श्रीसंत ने कहा- ‘लिएंडर 42 की उम्र में खेल सकते हैं तो मैं क्यों नहीं…’

टीम चैतन्य भारत

भारतीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत पर से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध हटा दिया है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को आजीवन प्रतिबंध पर पुनर्विचार का आदेश दिया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद श्रीसंत ने कहा कि, अगर लिएंडर पेस 42 साल की उम्र में ग्रैंडस्लैम जीत सकते हैं तो वह कम से कम 36 वर्ष में कुछ क्रिकेट खेल सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने श्रीशांत के मामले को लेकर कहा कि, ‘बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति श्रीसंत को दी जाने वाली सजा की अवधि पर तीन महीने के भीतर पुनर्विचार कर सकती है।’

श्रीसंत ने ली राहत की सांस
जानकारी के लिए बता दें क्रिकेटर श्रीसंत के साथ मुंबई के स्पिनर अंकित चव्हाण और हरियाणा के अजीत चंदिला पर भी साल 2013 में बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद श्रीसंत ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। शुक्रवार को कोर्ट द्वारा श्रीसंत के पक्ष में फैसला आया जिसके बाद खिलाड़ी ने राहत की सांस ली और कहा, ‘मैं नहीं जानता कि इतने वर्षों बाद जिंदगी में आगे क्या होगा। छह साल हो चुके हैं और मैंने क्रिकेट नहीं खेला है जो मेरी जिंदगी थी।’

दो बार वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे श्रीसंत
गौरतलब है कि श्रीसंत साल 2007 वर्ल्ड टी-20 और साल 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। श्रीसंत ने यह भी कहा कि, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि बीसीसीआई देश की सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले का सम्मान कर मुझे कम से कम क्रिकेट मैदान पर वापसी की अनुमति दे। अब कम से कम मैं स्कूल के क्रिकेट मैदान पर चल सकता हूं और वहां ट्रेनिंग कर सकता और कोई मुझे यह नहीं कहेगा कि मुझे इसकी अनुमति नहीं है। मैं उतना क्रिकेट खेलना चाहता हूं, जितना खेल सकता हूं।’

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