इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर रोजगार अधिकार सम्मेलन में भाग लेंगे आइसा, सछास, SFI के सैकड़ों छात्र

उत्तर प्रदेश में 25 लाख रिक्त सरकारी पदों पर नियुक्ति करने, रोजगार न देने तक 10 हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने, नई शिक्षा नीति 2020 रद करने , रोजगार को मौलिक अधिकार बनने की मांग को लेकर गुरुवार को प्रयागराज में युवा रोजगार अधिकार सम्मेलन करेंगे। यह सम्मेलन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर सुबह 11:30 बजे होगा। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश छात्र युवा रोजगार अधिकार मोर्चा की तरफ से किया जा रहा है।

विभिन्न छात्र संगठनों का है समर्थन

विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार से रोजगार अधिकार की मांग की जाएगी और उसका एक मसौदा तैयार किया जाएगा। यह मसौदा जिलाधिकारी के माध्यम से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा जाएगा। इसमें छात्रों को होने वाली परेशानी, उनकी समस्याओं को भी रखा जाएगा।

कौन-कौन होगा शामिल

इस कार्यक्रम में आयशा के कार्यवाहक राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार, समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा यादव, एनएसयूआई व पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय अखिलेश यादव, एसएफआई के प्रदेश सचिव विकास स्वरूप, एआईडीएसओ के प्रदेश अध्यक्ष हरिशंकर मौर्य DYFI के जिला प्रभारी अखिलेश विकल्प, RYA इलाहाबाद के शहर संयोजक सुमित गौतम, आईसीएम के संयोजक रितेश विद्यार्थी ए आईएसआईएम के जीशान रहमानी, युवा स्वाभिमान मोर्चा के संयोजक डॉ. आरपी गौतम, युवा मंच के संयोजक राजेश सचान, ओबीसी-एससी संगठित मोर्चा की जिलाअध्यक्ष मुक्ता कुशवाहा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता अजय यादव सम्राट शामिल होंगे।

क्या हैं प्रमुख 3 मांगें

  1. प्रदेश के 25 लाख खाली सरकारी पदों को भरने।
  2. रोजगार देने तक प्रति माह 10 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने।
  3. रोजागार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।

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