उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने कुछ घंटों के अंतराल पर किया मिसाइल परीक्षण

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने एक-दूसरे से कुछ घंटों के अंतराल पर ही बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है.

बैलिस्टिक मिसाइलों के इस परीक्षण के साथ ही प्रायद्वीप में हथियारों को लेकर मची होड़ तेज़ हो गई है.

उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. बीते छह महीने में मिसाइलों के परीक्षण का यह पहला मामला है और साथ ही संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन भी.

इससे पूर्व ही दक्षिण कोरिया और चीन ने उत्तर कोरिया के परमाणु मसले पर चर्चा भी की थी. इन मिसाइल परीक्षणों को इस वार्ता से जोड़कर भी देखा जा रहा है.

उत्तर कोरिया के परीक्षण के कुछ घंटों बाद ही दक्षिण कोरिया ने भी अपनी पहली पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया.

हालांकि दक्षिण कोरिया की ओर से एसएलबीएम के नाम से जानी जाने वाली इस मिसाइल का परीक्षण पहले से होना तय था ना कि उत्तर कोरिया के परीक्षण की प्रतिक्रिया.

इस परीक्षण के साथ ही दक्षिण कोरिया इस तरह की तकनीक में सक्षम दुनिया का सातवां देश बन गया है.

परीक्षण के दौरान राष्ट्रपति मून जे-इन भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के पास अब उत्तर कोरिया के उकसावे का जवाब देने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं.

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया किसी भी समय उत्तर कोरिया के उकसावे का जवाब देने में सक्षम है. उन्होंने अपने हथियार कार्यक्रमों को जारी रखने की बात कही.

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक़, दक्षिण कोरिया के बयान की उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने आलोचना की है. उन्होंने दक्षिण कोरिया की टिप्पणी को अतार्किक बताया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इससे समझौते टूट सकते हैं.

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