काशी प्रांत के शहर और गांव की गलियों में आज से गूंजेंगे आजादी के तराने

आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर भारत के अमृत महोत्सव के तहत काशी प्रांत के शहर-गांव की गलियों में शुक्रवार को आजादी के तराने गूंजेंगे। समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचकर आजादी की अलख जगाने के परिप्रेक्ष्य में यह कवायद की गई है। यह जानकारी ईश्वर शरण पीजी कालेज के प्राचार्य और आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम काशी प्रांत के संयोजक प्रोफेसर आनंद शंकर सिंह ने गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित ज्वाला देवी इंटर कालेज में पत्रकार वार्ता में दी।

आजादी की शौर्य गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का है उद्देश्य

आनंद शंकर सिंह ने बताया कि देश को बहुत मुश्किल से आजादी मिली थी। आजादी के दीवानों ने जब मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया तो उन्होंने केवल एक ही सपना देखा था। वह था स्व के पुनरुत्थान का। 1857 की स्वाधीनता की क्रांति से पूर्व 1763 से 1849 तक समूचे देश में विरोध और विद्रोह की ज्वाला फूट पड़ी थी। अंतत: 15 अगस्त 1947 को देश आजाद होता है। आजादी की इसी शौर्यगाथा को अब नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।

काशी प्रांत के 155 ब्लाक तथा 105 नगर में एक साथ होगा भव्य उद्घाटन

शुक्रवार को काशी प्रांत के 155 ब्लाक तथा 105 नगर में एक साथ भव्य उद्घाटन होगा। फिर 20 नवंबर से 15 दिसंबर तक तिरंगा यात्रा, भारत माता की झांकी और भारत माता की आरती का कार्यक्रम मोहल्ले तक चलेगा। इसके अलावा प्रांत के सभी शैक्षणिक संस्थानों में संगोष्ठी, सेमिनार, नुक्कड़ नाटक आदि आयोजित कराए जाएंगे। 16 दिसंबर से 19 दिसंबर तक वंदे भारत गीत का गायन होगा। इस दौरान डा. राजबिहारी और डा. मुरारी उपस्थित रहे।

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