कोरोना के नए वेरियंट से निपटने के लिए अस्पतालों में क्या है तैयारी

इन दिनों कोरोना वायरस का नया वैरियंट ओमिक्रान कई देशों में विस्‍तार ले रहा है। इसके कुछ मरीज भारत में भी मिले हैं। ऐसे में संभावित खतरा और इस नए वैरियंट से निपटने की सरकार से लेकर स्‍थानीय स्‍तर पर तैयारी भी शुरू हो चुकी है। अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए कवायद जारी है। ऐसे में प्रयागराज के अस्‍पतालों में भी व्‍यवस्‍थाओं को आंका जा रहा है। साथ ही व्‍यवस्‍थाओं को बढ़ाया जा रहा है।

शहर के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के लेवल थ्री कोविड अस्पताल समेत टीबी सप्रू चिकित्सालय यानी बेली अस्पताल में तैयारी है। इन अस्‍पतालों में 20 बेड का वार्ड आरक्षित कर लिया गया है। बेली अस्पताल में आरक्षित 20 में 10 बेड और एसआरएन में 23 बेड के एक पूरे वार्ड को विदेश से आने वाले संक्रमित लोगों के लिए आरक्षित कर लिया गया है। यह वार्ड अगले एक या दो दिन में सक्रिय कर दिए जाएंगे।

ओमिक्रान की जिस तरह से कई देशों में दहशत फैली है, भारत में भी छह संक्रमित मिले हैं। इससे संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका जताई जाने लगी है। प्रदेश शासन के निर्देश पर प्रयागराज में भी अलर्ट हो गया है और स्वास्थ्य विभाग ने उपचार की व्यवस्था के लिए कमर कस ली है।

मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डा. नानक सरन ने कहा है कि बेली अस्पताल में 20 बेड आरक्षित कर लिए हैं। इनमें 10 बेड पीआइसीयू (पीकू) और 10 बेड उसके ऊपरी तल में आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में स्थापित आक्सीजन उत्पादन प्लांट से आक्सीजन सप्लाई चेक की जा रही है। एयरपोर्ट पर सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल शहर में ओमिक्रान के कोई केस नहीं हैं।

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. एसपी सिंह ने कहा कि एसआरएन में 1000 बेड और इन सभी तक आक्सीजन पाइप लाइन की व्यवस्था कोरोना की दूसरी लहर के बाद ही कर ली गई थी। आइसीयू, आइसोलेशन वार्ड, उपचार के लिए आवश्यक दवाओं, वेंटिलेटर आदि के पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं। बताया कि ओमिक्रान के खतरे ज्यादा गंभीर नहीं हैं लेकिन बचना जरूरी भी है।

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