जया के पिता बोले, दर्ज कराएंगे एफआईआर, बेटी को नहीं थी कोई बीमारी

मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में एमटेक अंतिम वर्ष की छात्रा जया पांडेय की मौत का मामला उलझता ही जा रहा है। छात्रा के पिता विजय कुमार ने संस्थान प्रबंधन और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कहा है कि उनकी बेटी को कोई बीमारी नहीं थी। पुलिस ने भी सक्रियता नहीं दिखाई। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वह बेटी की मौत की एफआईआर भी दर्ज कराएंगे।

जया मूल रूप से बिहार के रोहतास जनपद स्थित धरकंदा थाना क्षेत्र के दावद की रहने वाली थी। वर्तमान में वह एमटेक फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी और एमएनएनआईटी के आईएचबी गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। उसके पिता विजय कुमार सामाजिक कार्यकर्ता हैं। शनिवार रात दो बजे के करीब पिता के पास एमएनएनआईटी से फोन कर बताया गया कि जया की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।

रविवार सुबह वह प्रयागराज पहुंच गए। यहां जानकारी मिली कि  जया को सिविल लाइंस स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोपहर में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि वह जिस हाल में अस्पताल लाई गई, उससे यही लग रहा है कि उसने बीपी कम करने की 40-45 गोलियां खा लीं।

इसी के चलते अचानक उसका बीपी लेवल बहुत कम हो गया और हार्ट अटैक की वजह से उसकी मौत हो गई। पिता विजय कुमार के मुताबिक, चीफ वार्डन ने भी यही बताया था कि रात में जया ने ब्लडप्रेशर बढ़ने पर दवा खाई थी और इसके बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। लेकिन विजय का कहना है कि जया को तो कोई बीमारी ही नहीं थी। 

पिता के मुताबिक, मौत का समय भी गलत दर्ज
विजय ने बेटी की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विजय के मुताबिक जया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत सुबह लगभग दस बजे हुई, जबकि डॉक्टरों ने दोपहर 12:45 मौत का समय दर्ज किया है। जया की साथी छात्राओं ने बताया है कि रात 12 बजे तक वह पूरी तरह सामान्य थी। बातचीत से ऐसा नहीं लग रहा था कि तबीयत खराब है। इधर, जया की असमय मौत से संस्थान में साथी छात्र-छात्राएं सकते हैं। किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि जया की मौत हो गई। 

सच्चाई का पता लगाएंगे
विजय का कहना है कि सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद बेटी के शव का वाराणसी में अंतिम संस्कार कर गांव आ गए हैं। क्रिया कर्म के बाद वह 17 दिसंबर को प्रयागराज लौटेंगे। पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। साथ ही छात्रावास में जया की साथी छात्राओं से भी बात कर मामले की सच्चाई का पता लगाएंगे। विजय का कहना है कि उनकी बेटी ऐसा कदम नहीं उठा सकती है। आखिर वह किस बात को लेकर इतना परेशान थी कि उसे ब्लडप्रेशर की इतनी अधिक दवा खाने की जरूरत पड़ गई।   

पिता से हुई थी बातचीत
विजय का कहना है कि जया को कोई बीमारी नहीं थी। घटना वाली रात लगभग नौ बजे उनकी उससे बातचीत भी हुई थी। अगर तबीयत खराब होती तो वह जरूर बताती। सवाल उठाया कि जया के पास इतनी अधिक संख्या में दवाएं कहां से आ गईं। 

सीएम और केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र 
सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसके संबंध में दावा किया जा रहा है कि संस्थान की छात्राओं ने 6 दिसंबर को सीएम और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र भेजकर पुलिस और एमएनएनआईटी प्रशासन पर मामले में लीपापोती का आरोप लगाया है। यह भी कि कुछ अध्यापक और पीएचडी छात्र-छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।

साथ ही इस पत्र में दावा किया गया है कि पूर्व में दिए गए गोपनीय पत्र पर केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास ने 17 सितंबर 2021 को स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया था कि आरोपी शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। लेकिन इस मामले में लीपापोती की जा रही है। वहीं एमएनएनआईटी मेंबर मीडिया सेल प्रोफेसर शिवेश शर्मा ने बताया कि उन्हें ऐसे किसी पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

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