टीईटी पेपर लीक में सचिव परीक्षा नियामक निलंबित

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक प्रकरण की गाज सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय पर गिरी है। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर लीक होने और टीईटी शुचितापूर्ण ढंग से संपादित न कराने, गोपनीयता का पालन न किए जाने के कारण शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

संयुक्त सचिव कामता प्रसाद सिंह की ओर से 29 नवंबर को जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में संजय उपाध्याय बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। उन्हें शुचितापूर्ण, नकलविहीन टीईटी न कराने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई संस्थित की गई है। संजय उपाध्याय को 17 जून 2021 को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई थी।

यह रहा पूरा मामला

28 नवंबर को दो पालियों में प्रस्तावित टीईटी का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इससे सरकार की काफी किरकिरी हुई। परीक्षा में 21,65,192 अभ्यर्थियों को शामिल होना था।

प्रिंटिंग प्रेस चयन में लापरवाही पर हुई कार्रवाई

टीईटी का पेपर लीक होने के मामले में शासन ने 48 घंटे के अंदर बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा का जिम्मा उठाने वाली संस्था परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव संजय उपाध्याय को निलंबित कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रश्नपत्र की छपाई के लिए प्रिंटिंग प्रेस के चयन में लापरवाही के कारण यह कार्रवाई हुई है। अधिकारियों की मानें तो पेपर लीक में प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका संदिग्ध है। इसके चयन का अधिकार सचिव के पास होता है। यह कार्य बहुत गोपनीय होता है। सचिव के अलावा किसी को पता नहीं होता कि पेपर कहां छप रहा है और कब, किस जिले में भेजा जाता है।

तीन साल में दो सचिव का हुआ निलंबन

संवेदनशील परीक्षाओं में लापरवाही बरतने के कारण तीन साल में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के दो सचिवों को निलंबन का सामना करना पड़ा है। संजय उपाध्याय से पहले आठ सितंबर 2018 को तत्कालीन सचिव सुत्ता सिंह को 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के कारण निलंबित कर दिया गया था।

नए सचिव की जल्द होगी तैनाती

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय के निलंबन के बाद सवाल है कि अगला सचिव कौन होगा। सूत्रों की मानें तो एक या दो दिन में नए सचिव के नाम पर मुहर लग जाएगी। इस मामले की मॉनीटरिंग सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक महीने में दोबारा परीक्षा कराने के आदेश दिए हैं इसलिए सचिव के नाम पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है।

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