तीन लोगोंं ने देखा था महंंत का कथित अश्लील वीडियो जिसकी वजह से दी जान

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने जिस कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने की डर से खुदकशी की थी, उस वीडियो को तीन लोगों ने देखा था। वीडियो देखने वालों में हरिद्वार के दाे और प्रयागराज का एक शख्स शामिल है। इतना ही नहीं, अखाड़ा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष रवींद्र पुरी, महंत और आनंद गिरि के बीच फोन पर त्रिकोणीय बातचीत हुई थी। इसी दौरान आनंद ने महंत को धमकाते हुए कहा था कि उसके पास ऐसा वीडियो है, जिसके इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।

धमकी से परेशान होकर किया था सतुआ बाबा को फोन

इस धमकी के बाद नरेंद्र गिरि इतने परेशान हुए कि उन्होंने वाराणसी में संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा को फोन किया। उन्हें बताया कि आनंद गिरि ने एक कंप्यूटरीकृत वीडियो तैयार किया है, जिसे वायरल करेगा। सतुआ बाबा को बताया कि आनंद ने हरिद्वार के दो और प्रयागराज के एक व्यक्ति को वह वीडियो दिखाया था। इसके अलावा महंत ने अपने कई शिष्यों और सेवादारों से भी जानकारी ली थी कि क्या कंप्यूटर के जरिए छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक वीडियो बनाया जा सकता है। सेवादारों के हामी भरने पर वह बेहद परेशान थे और उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लग रही थी। महंत की मृत्यु मामले की जांच के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो सीबीआइ ने एक आडियो बरामद किया है, जिससे इसका राजफाश हुआ है। यह भी पता चला है कि महंत ने सितंबर में खुदकशी की है, लेकिन उन्हें कथित वीडियो को लेकर मई माह से ही परेशान किया जा रहा था। जांच एजेंसी ने कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में भी इन तथ्यों को समाहित किया है। हालांकि सीबीआइ कथित वीडियो को बरामद नहीं कर सकी है। अगर बरामद करती तो उसका भी उल्लेख आरोप पत्र में होता। ऐसा अधिवक्ताओं का मानना है।

मोबाइल से बरामद हुए दो वीडियो

सीबीआइ ने जांच के दौरान महंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल से दो वीडियो बरामद किया था। दोनों वीडियो आत्महत्या से पूर्व उन्होंने अपने मोबाइल में बनाया था। वीडियो महंत ने ही बनाया है, इसकी पुष्टि के लिए सीबीआइ ने उनके शिष्यों, सेवादारों को दिखाया। उन्होंने महंत की पहचान और उनकी आवाज की पहचान की थी। इसमें उन्होंने आनंद गिरि, आद्या प्रसाद व संदीप को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। इसके बाद ही जांच एजेंसी पूरी तरह मुतमईन हुई। हालांकि सीबीआइ महंत का कथित अश्लील वीडियो को बरामद नहीं कर पाई है।

सूरज पांडेय ने सिखाया था वीडियो बनाना-

अल्लापुर स्थित श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सेवादार सूरज पांडेय से वीडियो बनाना और डिलीट करना सीखा था। महंत ने 20 सितंबर को आत्मघाती कदम उठाया था, लेकिन इससे एक दिन पहले ही उन्होंने वीडियो बनाना सीखा था। यह भी तथ्य सामने आया है कि कथित वीडियो के बारे में मठ, मंदिर से जुड़े लोगों के अलावा भी कई शख्स को पता था।

मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए से नरेंद्र गिरि

अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी मिलने के बाद नरेंद्र गिरि ने मुख्यमंत्री से मिलने की बात कुछ लोगों से कही। इसके लिए वह लखनऊ भी गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए थे। इससे पहले वह हरिद्वार भी गए थे, जहां वह अस्वस्थ हो गए थे। महंत ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए एक विशेष व्यक्ति से संपर्क साधा था।

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