दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा ने सुनाई बचपन की खास कहानी

टीम चैतन्य भारत

विश्व के महान क्रिकेटरों में से एक ब्रायन लारा ने हाल ही में एक रोचक खुलासा किया है। लारा ने यह बताया है कि उन्होंने चार साल की उम्र में नारियल की शाखा से बने बल्ले से खेलना शुरू किया था, जो कि पेंटिंग करने वाले ब्रश की तरह था। इतना ही नहीं पेशेवर क्रिकेटर बनने के लिए लारा ने पिता के त्याग का भी जिक्र किया।

गली क्रिकेट में रखते हैं विश्वास
लारा ने कहा कि, ‘मेरे भाई ने नारियल के पेड़ की शाखा से क्रिकेट के बल्ले का आकार बनाया। आप जानते हो कि कैरेबियाई सरजमीं उष्णकटिबंधीय क्षेत्र है और उन्हें अपने नारियल के पेड़ बहुत पसंद हैं। मैं केवल चार वर्ष का था।’ लारा ने यह भी कहा कि, ‘मैं गली क्रिकेट में विश्वास करता हूं। मेरा मतलब कि हम हर चीज से क्रिकेट खेलने लगते थे। सख्त संतरे, नींबू या फिर कंचे से, चाहे घर का पीछे का हिस्सा हो, सड़क हो. मैं सभी खेल खेलता था।’

पिता ने किए कई त्याग
लारा ने बताया, ‘हम बारिश के मौसम में फुटबॉल खेलते थे, मैंने टेबल टेनिस भी खेला है। लेकिन मुझे लगा कि मैं किसी अन्य के बजाय क्रिकेट में ज्यादा अच्छा कर रहा था। इसमें मेरे पिता का असर रहा और उन्होंने फैसला किया कि मैं फुटबॉल कम खेलूं और क्रिकेट ज्यादा खेलूं।’ इस दौरान लारा ने पिता के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि, ‘मेरे पिता क्रिकेट को पसंद करते थे और हमारे गांव में एक लीग चलाते थे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए काफी त्याग किए कि मुझे सर्वश्रेष्ठ स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए हर चीज मिले।’ आपको बता दें ब्रायन लारा बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 52.88 की औसत से टेस्ट में 11,953 रन। जबकि लारा ने वनडे में 40.48 की औसत से 10,405 रन बनाए।

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