धर्मगुरुओं ने संगम तट पर अनूठी मिसाल पेश की, कोरोना को लेकर सतर्कता

प्रयागराज माघ मेला 2022 शुरू हो गया है। कोरोना वायरस को लेकर यहां साधु-संत विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। धर्म-अध्यात्म का ज्ञान देने वाले धर्मगुरुओं ने संगम तट पर अनूठी मिसाल पेश किया है। खतरे से लोगों को बचाने के लिए कोरोना संक्रमण जांच की निगेटिव रिपोर्ट नहीं लाने वाले भक्तों को शिविर में आसरा नहीं दिया। उन्हें चाय-नाश्ता व भोजन करवाकर लौटा दिया। इसके साथ समस्त शिष्यों को आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाने का निर्देश दिया है। यह दंडी स्वामीनगर में दिखा।

अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम के शिविर में उनके शिष्य चरखी दादरी निवासी रमेश कुमार, राजाराम व कैलाशचंद्र आए थे, उन्हें सप्ताहभर शिविर में रुकना था, लेकिन किसी के पास कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी। इससे उन्हें भोजन करवाकर वापस लौटा दिया गया। वहीं, अन्नपूर्णा मार्ग स्थित गंगा गायत्री चैरिटेबुल ट्रस्ट के प्रमुख परमहंस प्रभाकर जी महाराज ने बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के आए भोपाल के बृजेंद्र सिंह व विमलेश पांडेय को शिविर में रुकने की अनुमति नहीं दी।

स्वामी ब्रह्माश्रम ने कहा कि कोविड-19 नियम की अनदेखी नहीं की जा सकती। मानव जीवन की सुरक्षा के लिए आगे भी बिना कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट के आने वाले श्रद्धालुओं को वापस लौटाया जाएगा। प्रभाकर जी महाराज का कहना है कि हर श्रद्धालु को कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट लाने का निर्देश दिया गया है, नियम का पालन न करने वालों को शिविर में नहीं रोका जाएगा।

अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम ने कहा कि श्रद्धालु मेला क्षेत्र में आएं, लेकिन कोविड-19 नियम का पालन अवश्य करें। खाकचौक में स्वामी रामतीर्थ दास ने बताया कि समस्त शिष्यों को कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट लाने का निर्देश दिया गया है। इस नियम का कड़ाई से पालन कराएंगे, क्योंकि यह हमारे शिष्य के जीवन को सुरक्षित करने का मामला है। इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

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