परीक्षा से 48 घंटे पहले पता चलेगा केंद्र का नाम

भर्ती परीक्षाओं में किसी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी की आशंका खत्म करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अभ्यर्थियों को परीक्षा से 48 घंटे पहले केंद्र का नाम बताएगा। आयोग परीक्षा से आमतौर पर दो सप्ताह पहले प्रवेश पत्र जारी करता है। अध्यक्ष संजय श्रीनेत का कहना है कि प्रवेश पत्र पर शहर का नाम और केंद्र का कोड तो रहेगा लेकिन अभ्यर्थी की परीक्षा कहां होगी, इसकी जानकारी 48 घंटे पहले दी जाएगी।

अभ्यर्थी को ई-मेल, मोबाइल पर एसएमएस और आयोग की वेबसाइट से केंद्र का नाम बताया जाएगा। उदाहरण के तौर पर प्रवेश पत्र पर कोड नंबर 1, 2, 3 या 4 आदि है तो एक नंबर कोड किस परीक्षा केंद्र का है इसकी सूचना 48 घंटे पहले दी जाएगी। पहले किसी छोटी परीक्षा में इसका ट्रायल करेंगे और प्रयोग सफल रहा तो आयोग की सभी भर्ती परीक्षाओं में इसे लागू किया जाएगा।

28 नवंबर को टीईटी से पहले पेपर आउट होने के कारण सभी भर्ती संस्थाएं नकल या पेपर लीक रोकने को चिंतित हैं। आयोग की कई परीक्षाओं का पेपर भी पूर्व में लीक हो चुका है। पहले से केंद्र का नाम पता चलने पर अभ्यर्थी सेटिंग में लग जाते हैं। लिहाजा अंतिम समय में केंद्र की सूचना देने पर विचार चल रहा है ताकि गड़बड़ी की आशंका न रह जाए।

अध्यक्ष संजय श्रीनेत के अनुसार कोई भी चयन प्रक्रिया सीधी या एकल स्तरीय नहीं होगी। गड़बड़ी की आशंका खत्म करने के लिए आयोग चयन प्रक्रिया को दो या तीन स्तरीय करने जा रहा है। एकल स्तरीय परीक्षाओं में लोग अनुचित साधन से पास होने का प्रयास करते हैं। दो या तीन स्तरीय परीक्षा होने पर इसकी आशंका नहीं रहेगी। हालांकि इसके लिए व्यापक पैमाने पर तैयारी करनी होगी। राजकीय स्कूलों में सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) भर्ती लिखित परीक्षा से होती है। इसमें साक्षात्कार खत्म हो चुका है। ऐसे में दो स्तर पर परीक्षा करानी होगी जिससे चयन प्रक्रिया में समय लगेगा। ऐसे ही अन्य भर्ती परीक्षाओं पर भी असर पड़ेगा।

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