प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट ने लोगों को प्रयागराज में पुस्तक मेले के और करीब ला दिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस ट्वीट ने लोगों को पुस्तकों के और करीब ला दिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘आजकल मैं देखता हूं कि लोग ये बहुत गर्व से बताते हैं कि इस साल मैंने इतनी किताबें पढ़ीं। अब आगे मुझे और किताबें पढ़नी हैं। ये अच्छा ट्रेंड है जिसे और बढ़ाना चाहिए’। उनकी यह बात आज एंग्लो बंगाली इंटरमीडिएट कालेज प्रांगण में लगे पुस्तक में दिखी। पुस्तक मेले में उत्सवी माहौल रहा।

इस पुस्तक मेले में सभी नामचीन प्रकाशकों ने अपने स्टाल लगाए हैं। किस्से कहानी, उपन्यास, धर्म, साहित्य, विशिष्ट व्यक्तियों की जीवनी, विषय विशेष, प्राचीन-मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास, वेद-विद्या, काव्य, गद्य और पद्य तथा बच्चों की रुचिकर पुस्तकें भी पाठकों को लुभा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा और अलग-अलक कार्यक्षेत्रों में नौकरीपेशा लोग भी परिवार सहित इसमें पहुंचे।

भाव तथा विचार प्रशस्त करती हैं पुस्तकें

इंटरनेट ने हमें पुस्तकों से दूर कर दिया है। पुस्तकें हमारे भावों और विचारों को प्रशस्त करती हैं। जीवन को उज्जवल बनाने का यह सशक्त माध्यम हैं।

बबिता मौर्या, मम्फोर्डगंज

मन हो नियंत्रित तो दृढ होगा विश्वास

पुस्तकों से नाता अगर टूट रहा है तो कारण यही है कि हम इंटरनेट और मोबाइल फोन के नियंत्रण में हो गए हैं। पुस्तकों से हमारा दृढ़ विश्वास जागता है।

प्रतिभा मिश्रा, अल्लापुर

सबसे अच्छी दोस्त हैं पुस्तकें

पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। मानसिक तनाव हो तो पुस्तकें पढ़ने से शांति मिलती है और जीवन में यही सदमार्ग भी दिखाती हैं।

डा. हिमांगी द्विवेदी, जार्जटाउन

लेखन पर कर सकते हैं विश्वास

इंटरनेट पर जो भी जानकारी परोसी जाती है वह अधिकृत नहीं होती लेकिन पुस्तकों में जो लिखा वह विश्वसनीय होता है।

डा. रिंकी कुशवाहा, एनलगंज।

जीवन में लाती हैं बदलाव

पुस्तकें पढ़ने से इंसान की मनोवृत्ति बदलती है। इसके जरिए लक्ष्य साधना भी आसान होता है। पुस्तक पढ़ने पर महसूस करेंगे कि जीवन में बदलाव हो रहा है।

यथार्थ पांडेय, राजभाषा अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे

जिंदगी संवारती हैं पुस्तकें

मानसिक तनाव होने पर पुस्तकें हमें आइना दिखाती हैं। सभी को पुस्तकें पढ़ना चाहिए, देखेंगे जिंदगी संवारने का यही रास्ता दिखाती हैं।

पीयूष त्रिपाठी, असिस्टेंट प्रोफेसर शांतिपुरम

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