प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज के परेड मैदान पर हास-परिहास से महिलाओं का बढ़ाया विश्वास

अद्भुत, अलौकिक व अविस्मरणीय पल था कुछ महिलाओं के लिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने बीच पाकर गर्वित थीं। शब्द निशब्द हो गए थे। हृदय का भाव द्रवित आंखों के जरिए छलक उठा, क्योंकि यह उनके स्वप्न के साकार होने जैसा था। महिलाओं की असहजता को भांपकर प्रधानमंत्री ने स्वयं संवाद आरंभ किया। महिलाओं से कुशलक्षेम पूछा, उनकी गोद से बच्चों को लेकर दुलारा, पुचकारा व ममता लुटाई। हास, परिहास का दौर शुरू हुआ तो महिलाओं के मन के झिझक की कडिय़ा ध्वस्त हो गईं। उल्लास भरे वातावरण ने विश्वास की डोर मजबूत कर दिया।

परेड ग्राउंड में बने मंच पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं व बच्चियों से मिले। वे दोपहर 1.08 बजे बैंक सखियों के बीच पहुंचे। कुर्सी पर दूर-दूर 25 महिलाएं बैठी थीं। भाव सशंकित था कि क्या बात करेंगे? कैसे बोलेंगे? इस पर प्रधानमंत्री ने घर के अभिभावक की तरह संवाद शुरू कर दिया। उपलब्धियों का बखान किया, विपरीत परिस्थितियों में किए गए उनके प्रयास को सराहा। महिलाओं में जोश भरते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया। प्रधानमंत्री के प्रोत्साहित करने वाले शब्दों से महिलाओं का हौसला बढ़ा वे खुलकर अपनी बातें करने लगीं। कुछ भावुक हुईं तो प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया।

इसके बाद प्रधानमंत्री 1.14 बजे पुष्टाहार बनाने वाली महिलाओं के बीच पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री ने 23 महिलाओं से सीधा संवाद किया। औपचारिकता की बंदिशों को तोड़कर आत्मीयता से मिले। सबके कार्यों की सराहना किया, उनके सपनों को लक्ष्य से जोड़ा। प्रधानमंत्री के उम्मीद भरे शब्दों से महिलाएं ऊर्जा से ओतप्रोत हो गईं। उनके सपने उड़ान भरने लगे। फिर 1.24 बजे कन्या सुमंगला योजना से लाभांवित 25 बच्चियों के गए। बच्चियों को अपने पास बुलाकर आत्मीयता से मिले। उनकी संवेदनाओं को अपेक्षाओं में बदलने के लिए मन लगाकर पढऩे व प्रतिभा निखाने को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे।

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