प्रयागराज आए थे रामायण सीरियल में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी

अरविंद त्रिवेदी ने कही थी ये बातें -:

अरविंद त्रिवेदी का नाम कौन नहीं जानता। करीब तीन दशक पूर्व टेलीविजन पर प्रसारित रामायण सीरियल ने उन्‍हें महान प्रसिद्धि दी थी। रामानंद सागर के इस टीवी सीरियल में अरविंद त्रिवेदी ने रावण का सशक्‍त अभिनय जीवंत किया था। तेज आवाज, हाव-भाव, चाल-ढाल और संवाद की अनूठी प्रसिद्धि ने उन्‍हें बड़ा स्‍टार बना दिया था। उस समय का बच्‍चा-बच्‍चा भी उनसे अनभिज्ञ नहीं था। स्‍टेज शो हो या फिर रामलीला सभी जगह रावण के किरदार को निभाने वाले कलाकार इसी अभिनेता जैसा किरदार प्रस्‍तुत करने को आतुर रहते थे।

श्रीराम के अनन्‍य भक्‍त थे रामायण के रावण

रामायण धारावाहिक में रावण का जीवंत पात्र निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी का बुधवार को निधन हो गया। अचानक उनके निधन का समाचार सुनकर हर कोई चकित है। प्रयागराज भी इससे अछूता नहीं है। रावण का पात्र निभाकर सबके मन-मतिष्क में छाने वाले अरविंद वास्तव में प्रभु श्रीराम के भक्त थे। नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ श्रीराम व माता सीता की स्तुति करते थे। इसका खुलासा उन्होंने स्वयं किया था।

अरविंद त्रिवेदी प्रयागराज के अर्धकुंभ मेले में आए थे, बोले- मैं रामभक्‍त हूं

अरविंद त्रिवेदी 2007 अर्धकुंभ मेला में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) आए थे। गंगा, यमुना और अदृश्‍य सरस्‍वती के पावन संगम में स्नान के बाद त्रिवेणी बांध स्थित लेटे हनुमान जी का दर्शन-पूजन किया उन्‍होंने किया। जूना अखाड़ा के शिविर में रुके थे। वहां मौजूद श्रद्धालुओं व महात्माओं ने उन्हें लंकापति रावण कहकर संबोधित किया तो वे असहज हो गए थे। बोले, मैं रावण नहीं रामभक्त हूं। सिर्फ रावण का अभिनय किया था, उसके चरित्र को कभी नहीं अपनाया। इसके साथ मैं रावण की विद्वता, पराक्रम का समर्थक हूं, लेकिन उनके विचारों का नहीं। रामायण में रावण का पात्र उन्हें प्रभु श्रीराम की कृपा से मिला था। पात्र को जीवंत करने के लिए मैंने कड़ी मेहनत किया था।

1998 में रामायण आधारित नाटक में हिस्‍सा लेने आए थे

भारत विकास परिषद मंगलम् के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह बताते हैं कि अरविंद त्रिवेदी 1998 में रामायण पर आधारित नाटक में हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज आए थे। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में उसका मंचन हुआ था, उन्होंने उसमें भी रावण का पात्र निभाया था। अंत में दर्शकों से बातचीत के दौरान बोले थे कि असल जीवन में कभी रावण नहीं बनना है बल्कि श्रीराम के आदर्शों को अपनाना है।

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