प्रयागराज की संसद में सरकार पर विपक्ष का हमला : सिर्फ शादी की उम्र बढ़ाने से महिलाओं को नहीं मिलेगा समानता का अधिकार

यह दिल्ली नहीं बल्कि प्रयागराज की संसद है, जिसमें विपक्ष ने BJP सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। सोमवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के मल्टी परपज हॉल में जिलास्तरीय पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेहरू युवा केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पूरे जिले से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें सरकार पक्ष के लोगों ने जब उपलब्धियों को गिनाने का प्रयास किया तो विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

जब रात 12 बजे घर पहुंचे महिला तब मिलेगा समानता का अधिकार

सरकार पक्ष में शामिल 12वीं के छात्र कुलदीप मिश्रा ने कहा कि हमारी सरकार में प्रत्येक जरूरतमंद को एक-दो नहीं बल्कि तीन बार राशन दिए जाने की व्यवस्था है। इसके पहले राशन के लिए लोगों को यहां से वहां दौड़ना पड़ता था। कुलदीप ने ज्योंहि बेटियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 साल करने की बात शुरू की तो विपक्ष ने उन्हें घेर लिया। विपक्ष के निर्मलकांत पांडेय ने कहा, यह सराहनीय है लेकिन क्या हम बेटियों की शादी की उम्र बढ़ाकर उन्हें समता अधिकार दे सकते हैं? लोगों ने जवाब दिया, नहीं। निर्मलकांत ने तर्क दिया, बोले हमारी आज बेटियां धरती से आकाश तक पहुंच चुकी हैं लेकिन विडंबना देखिए, कल्पना चावला के इस देश में बेटियां रात में घर से बाहर निकलने में डरती हैं। उसे डर लगता है घात लगाए रावण से। उन्होंने कहा कि बेटियों व महिलाओं को समान अधिकार तब मिलेगा जब वह रात 12 बजे अपने घर सुरक्षित पहुंचे। इस पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।

शून्य काल में युवा सांसदों ने रखे अपने तर्क

संसद सत्र में शून्य काल के दौरान बहादुरपुर के रहने वाले छात्र शशांक सिंह ने कहा कि सरकार ने लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी है इससे अब महिलाओं के शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी होगा। इससे बेटियों को उच्चा शिक्षा ग्रहण करने में भी आसानी होगी। वह खुद स्वावलंबी बनेंगी। अब पुरुष व महिला की शादी की न्यूनतम आयु एक हो गई है। गारापुर बहरिया की छात्रा स्मिता कुशवाहा ने कहा कि 18 वर्ष में ही बेटियों की शादी करना कहां की समझदारी है? अब बेटियों को शादी के पहले कुछ बेहतर करने का मौका मिलेगा।

अफसरों ने बढ़ाया उत्साह तो युवाओं ने बेबाकी से रखी बात

इस कार्यक्रम में मौजूद अफसरों ने छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया तो वह बेबाकी से अपनी बात वहां रखने में सफल रहे। सीडीओ शिपू गिरी ने उत्साहवर्धन किया। जिला युवा अधिकारी जागृति पांडेय ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं में नेतृत्व करने की क्षमता विकसित होती है। संचालन चंद्रमणि मिश्र व महेश द्विवेदी ने किया।

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