प्रयागराज के चार प्राचीन धार्मिक स्थलों का होगा विकास

तक्षकेश्वर तीर्थ मंदिर, नागवासुकि मंदिर, दशाश्वमेध घाट और अरैल में सोमेश्वर महादेव मंदिर

शहर के चार प्राचीन धार्मिक स्थलों के विकास का प्रारूप प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने तैयार कर लिया है। डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बन रही है। जल्द ही डीपीआर पर्यटन विभाग के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। बजट स्वीकृत होने पर धार्मिक स्थलों के विकास का काम शुरू कराया जाएगा। धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

शासन ने प्रयागराज समेत पांच शहरों के प्राचीन धार्मिक स्थलों के विकास कार्य की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की जगह प्राधिकरणों को इसलिए दी है, क्योंकि प्राधिकरण निर्माण कार्यों के लिए विशेषज्ञ सरकारी संस्था है। इसी क्रम में यहां दरियाबाद क्षेत्र में तक्षकेश्वर तीर्थ मंदिर, दारागंज में नागवासुकि मंदिर, दशाश्वमेध घाट और अरैल में सोमेश्वर महादेव मंदिर के विकास का प्रारूप तैयार किया गया है।

इसके लिए मंडलायुक्त संजय गोयल की अध्यक्षता में पीडीए के अधिकारियों ने कमिश्नरी में प्रेजेंटेशन दिया। उसमें कुछ संशोधन के सुझाव दिए गए हैं। मंदिरों तक श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए सड़कों का निर्माण होगा। उनकी सुविधाओं के लिए शौचालय, स्नानगृह, शुद्ध पेयजल, बैठने के लिए खूबसूरत बेंच, रंग-बिरंगी लाइटों की व्यवस्था होगी। जगह की उपलब्धता पर विश्रामालय एवं बारादगी बनेगी। दशाश्वमेध घाट के सामने माडर्न पुलिस चौकी बनाने की भी योजना है। इन कामों में फिलहाल पांच से 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, डीपीआर तैयार होने पर खर्च का सही आकलन हो सकेगा।

शहर के पांचों प्रवेश द्वारों को भी आकर्षक बनाया जाएगा। प्रयागराज-लखनऊ, प्रयागराज-वाराणसी, प्रयागराज-मीरजापुर, प्रयागराज-रीवा रोड और प्रयागराज-कानपुर रोड पर बने प्रवेश द्वारों में विद्युतीकरण की ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि शाम होते ही उनकी खूबसूरती रोशनी में देखते बनेगी। पीडीए के मुख्य अभियंता मनोज कुमार मिश्रा का कहना है कि धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बजट पर्यटन विभाग प्राधिकरण को देगा।

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