प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से एमटेक छात्रा की मौत पर सवाल

प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) से मैकेनिकल एमटेक फाइनल ईयर की छात्रा की रविवार को संदिग्ध हालात में मौत हो जाती है। वहीं MNNIT प्रशासन पूरी घटना की लीपापोती में लग जाता है। चूक कहां हुई, छात्रा के पास बीपी की दवाएं कहां से आयी। जिस वक्त छात्रा ने बीपी की दवाएं निगली, उसके रूम में रहने वाली साथी छात्राएं कहां थी। ऐसे ही दर्जनभर सवालों के जवाब देने से जिम्मेदार आधिकारी क्यों बच रहे हैं।

छात्रा जया पांडेय पुत्री विजय कुमार मूल रूप से रोहतास बिहार की रहने वाली थी। वह संस्थान के आईएचबी हॉस्टल में रहकर एमटेक फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार रात में छात्रा ने बीपी की 45 गोली खा ली। कमरे में साथ रहने वाली छात्राएं आईं तो जया कमरे में बेसुध थी। पास में ही दवाओं के रैपर पड़े थे। शनिवार रात करीब 9 बजे कॉलेज प्रशासन की ओर से सिटी के अस्पताल में एडमिट किया गया था। वहीं, रविवार देर शाम छात्रा की मौत हो गई थी। वहीं, रविवार देर रात करीब 2 बजे छात्रा का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा की मौत हार्टअटैक से हुई है।

क्यों घेरे में है MNNIT प्रशासन

  • छात्रा के रूम में दो और लड़कियां भी रहती थी। ये दोनों लड़कियां कहां थी। इसका जवाब नहीं दे सकी वार्डेन
  • एक हॉस्टल की सुरक्षा से लेकर छात्राओं की अन्य व्यवस्था की जिम्मेदारी वार्डेन की होती है। आखिर वार्डेन को क्यों नहीं थी घटना की जानकारी
  • वार्डेन का कहना है कि छात्रा पिछले दो महीने से हॉस्टल में आ कर रह रही थी। पर घटना की जानकारी उन्हें चीफ वार्डेन से मिलती है। आखिर वार्डेन घटना के वक्त कहा थीं।
  • मीडिया को MNNIT प्रशासन की ओर से कवरेज करने से क्यों रोका गया। यदि सबकुछ सामान्य था तो कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सवालों का जवाब देने से क्यों बचता रहा।
  • छात्रा के पिता का कहना था कि बेटी को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं थी। वह बीपी की रोगी नहीं थी। सवाल यदि छात्रा बीपी की रोगी नहीं थी, तो उसके पास ये दवाएं कहां से आयी।

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