प्रयागराज में श्रीमद् भागवत कथा में बोले कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर : मुझे भारत रत्न नहीं, बेटियों की सुरक्षा चाहिए

प्रख्यात कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि मैं देश की सरकारों से भारत रत्न नहीं, बल्कि देश की हर बेटी की सुरक्षा चाहता हूं। मेरी बेटियां आज सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने बेटियों को आगाह किया कि वह किसी के बहकावे में न आएं। ऐसा न करें कि उनकी वजह से मां-बाप और भाई का सिर समाज के सामने झुक जाए।

देवकी नंदन ठाकुर ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (AMA) के भवन में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के 7वें दिन श्रद्धालुओं को कथा के जरिए जीवन की सच्चाईयों से रूबरू कराया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

कथा सुनाते-सुनाते रो पड़े देवकी नंदन
देवकी नंदन मित्रता की परिभाषा बता रहे थे। उन्होंने कृष्ण और सुदामा की मित्रता का जिक्र किया। कृष्ण ने किस तरह से सुदामा के साथ मित्रता निभाई इसका वर्णन किया। सुदामा की गरीबी से जुड़ी बात कह रहे थे। उन्होंने खुद के बारे में कहा कि मैंने भी अपनी मां का कष्ट देखा, किस तरह से मां ने संघर्ष किया, वह मुझे आज भी याद है। कहा कि एक समय था जब मुझे भी लगा था कि मैं भी सुदामा की तरह अकेला हूं। मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है, लेकिन आज मेरी दुनिया इतनी बड़ी है। यह बात कहते हुए वह खुद रो पड़े और मौजूद श्रोताओं की आंखें भी नम हो गईं।

ब्राह्मण के नाम पर राजनीति न करें पार्टियां
देवकी नंदन ने कहा कि ब्राह्मण हमारे सनातन की धुरी हैं। पूरा सनातन ब्राह्मण पर आधारित है। भगवान भी ब्राह्मणों का सम्मान करते हैं। जब ब्राह्मण मंत्र बोलता है तो भगवान को भी आना होता है। कहा कि ब्राह्मण, साधु और भक्त को नहीं सताना चाहिए। राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यूपी में चुनाव नजदीक आ गया तो ब्राह्मण राजनीति हो रही है। चारों ओर ब्राह्मण-ब्राह्मण हो रहा है।

ब्राह्मण के नाम पर राजनीति करना बंद करें। हम कहते हैं कि जहां कहो, हम वोट दे देंगे। लेकिन, कोई सनातनी धर्म को परिवर्तन न करे। श्रीमद् भागवत कथा में एएमए की ओर से डॉ. सुबोध जैन, डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. शार्दूल सम्राट, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. बीके मिश्रा, डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. अनूप चौहान आदि मौजूद रहे।

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