प्रयागराज में 10 दिन में ही कोरोना के सक्रिय केस 900 के पार

 प्रयागराज में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इससे घबराएं मत लेकिन कोविउ-19 गाइडलाइन का भी जरूर पालन करें ताकि संक्रमण से बच सकें। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चे भी प्रभावित होने लगे हैं। अब पूरा शहर कोरोना की गिरफ्त में आ गया है। पिछले 24 घंटे में 220 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें तीन और पांच वर्ष के मासूम बच्चे भी हैं। 10 से 18 साल तक के पाजिटिव किशोरों की संख्या आधा दर्जन से अधिक है और 19 से 30 साल तक के युवाओं की तो इन 220 संक्रमितों में भरमार है। हालात दिनोंदिन बिगड़ ही रहे हैं।

सोमवार की देर रात तक मंडलायुक्त संजय गोयल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। कोरोना के तेजी से फैलने के चलते जिले के हालात अब सामान्य नहीं रहे। असर कम ही सही लेकिन वायरस का संक्रमण अधिक से अधिक लोगों में होता जा रहा है। कोरोना वैसे तो बीते एक सप्ताह से रफ्तार बढ़ाकर फैल रहा है लेकिन एक ही दिन में 220 लोगों में संक्रमण से स्थिति विकट हो गई। हालांकि 24 घंटे में किसी की मौत नहीं हुई।

चिकित्सकों का यह अनुभव कि बड़ों से ही घर में कोरोना का संक्रमण पहुंच सकता है, इसलिए लोग बाहर से घर लौटें तो पूरी तरह सैनिटाइज होने के बाद ही बुजुर्ग और बच्चों के पास जाएं, व्यर्थ ही रहा। तीन साल की मासूम बालिका, पांच साल का एक और मासूम संक्रमित हुआ है। इनके अलावा 10 साल, 11, 15, 16 साल के किशोर भी संक्रमित हुए। जो भी नए लोग संक्रमित हुए उनमें 40 से 75 साल के लोगों की संख्या युवाओं की अपेक्षा काफी कम है।

जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या जनवरी के पहले तक दो या चार के आसपास ही थी। जनवरी महीने में केस ऐसे बढ़े और बीते एक सप्ताह में कोरोना की रफ्तार ऐसी बढ़ी कि जिला पिछले साल की मई और जून जैसी स्थिति में पहुंच गया। 10 दिन में ही सक्रिय केसों की संख्या 919 हो गई है।

स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के वार्ड आठ की सभी 23 पलंग अब भरने की स्थिति में आ गए हैं। यहां संक्रमितों की संख्या दिनोंदिन बढ़ ही रही है। वार्ड आठ में वही संक्रमित भर्ती किए जा रहे हैं जिनकी हालत खराब मिल रही है।

कोरोना संक्रमण इस बार संक्रमितों को ज्यादा गंभीर नहीं कर रहा है। यह फेफड़े पर कम असर कर रहा है, इसलिए अधिकांश लोगों को होम आइसोलेशन में रहते हुए इलाज किया जा रहा है।

सीएमओ डाक्‍टर नानक सरन ने कहा कि कोरोना तेजी से फैल गया है। अस्पतालों में तो तैयारी पूरी है, सभी पलंग पर आक्सीजन सप्लाई की सुविधा है लेकिन लोगों को सतर्क रहना होगा। घर में लौटें तो पूरी तरह सैनिटाइज होकर ही बच्चों के पास जाएं। बुजुर्गों, खासकर जिन्हें बीमारी है उनका भी विशेष ध्यान रखें।

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