प्रयागराज : स्वच्छता सर्वेक्षण में मिला 26वां स्थान

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में प्रयागराज 6 स्थान नीचे गिरकर 26वें नंबर पर पहुंच गया। इस साल इसे 3613.72 अंक मिले। पिछले साल यह 20वें नंबर पर था। वहीं प्रदेश में भी इसकी रैंकिंग में गिरावट आयी है। इस बार पांचवे स्थान मिला है। जबकि पिछली बार चौथे स्थान पर था।

2020 में मिला था 20वां स्थान

2020 में देश के 5000 शहरों में कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रयागराज को 20वां स्थान मिला था। तब इसे 4141.47 अंक मिले थे। 2019 में इसको 144वां स्थान मिला था। वहीं 2020 में प्रदेश में प्रयागराज को चौथा स्थान मिला था।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण होता है। 2021 के लिए भी देश के 5000 शहरों में यह सर्वेक्षण कराया गया था। इसका परिणाम केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को जारी किया गया। इसमें इंदौर पहले स्थान पर है। वहीं प्रयागराज को 26वें स्थान से संतोष करना पड़ा। प्रयागराज के अलावा यूपी के लखनऊ को 12वां, गाजियाबाद 18वां, कानपुर 21वा, आगरा को 24वां व वाराणसी को 30वां स्थान मिला।

प्रयागराज को मिल चुका है टॉप मूवर्स अवार्ड

2019 के इसी सर्वेक्षण में प्रयागराज 144 में नंबर पर था। जबकि 2018 में इस सर्वेक्षण में प्रयागराज 232वें नंबर पर था। वहीं, 2016 में पूरे देश में 22वीं रैंक मिली थी। तब प्रयागराज को टॉप मूवर्स अवार्ड भी मिला था। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में पाया गया कि अन्य शहरों की तुलना में शहर में साफ-सफाई एवं कूड़ा निस्तारण को लेकर कुछ समस्या रही। इस वजह से भी रैंकिंग नहीं सुधर सकी। सर्वेक्षण में शहर के सभी प्रमुख इलाकों को शामिल किया गया था।

मेयर बोलीं- अधिकारियों ने की लापरवाही

मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि हमने लगातार प्रयास किया और सुधार भी हुआ। लेकिन इस बार अधिकारियों की चूक हुई है। उनको जमीनी स्तर पर रहकर काम करना चाहिए। अधिकारियों को सर्वे करना चाहिए था। कहां सफाई हो रही और कहां नहीं। इससे कर्मचारियों में भी भय होता है। नगर आयुक्त को भी दायित्व का निर्वाहन करना चाहिए। स्वच्छ सर्वेक्षण चल रहा है। कहां क्या कमियां हो रही, उसे देखना चाहिए था। ऐसी एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करे, जो काम नहीं कर रही है।

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