फिंगर प्रिंट चोरी कर साइबर ठग खाली कर रहे बैंक खाता

बैंकों की ओर से ग्राहकों को दी जा रही सुविधा का इस्तेमाल साइबर ठग बखूबी कर रहे हैं। ये ठग ग्राहकों के फिंगर प्रिंट चोरी करके भी साइबर ठगी कर रहे हैं। प्रयागराज के अलावा प्रतापगढ़ में इस तरह से हुई ठगी का खुलासा हुआ है। बैंक से पूरी जानकारी न मिलने के कारण साइबर थाने की पुलिस इस गैंग के मास्टर माइंड को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

नैनी के संदीप कुमार का ग्रामीण बैंक में खाता है। कुछ समय पहले साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। इस ठगी की उन्हें भनक तक नहीं लगी। साइबर थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि संदीप का फिंगर प्रिंट चोरी करके साइबर ठगों ने रुपये निकाले हैं। पुलिस ने इस फर्जीवाड़ा करने के आरोप में नैनी के सुशील पटेल, नितेश पटेल और सुनील पटेल को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। पूछताछ के बाद ठगी के इस तरीके का खुलासा हुआ लेकिन मास्टर माइंड नहीं पकड़ा गया।

पुलिस ने बताया कि सुशील पटेल के पास एक निजी कंपनी की फ्रेंचाइजी थी। वह ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है। कुछ दिन पहले संदीप उसकी दुकान पर बैंक खाते में जमा रकम पता करने गए। सुशील ने संदीप का फिंगर प्रिंट लेकर उसके बैंक खाते में बची धनराशि की जानकारी दी थी। इसके बाद संदीप से ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने उसका मोबाइल खरीद लिया। संदीप ने ऑनलाइन मनी ट्रांसफर करने वाली कंपनी में एक फेक आईडी से एकाउंट बनाया। इसके बाद उसने संदीप के बैंक खाते से डेढ़ लाख इस फर्जी खाते में ट्रांसफर कर दिया। उसने खुद को बचाने के लिए अपने दो दोस्तों के बैंक खाते में रुपये भेजे और नकदी निकाल ली। इस केस के विवेचक अमित चौरसिया ने बताया कि फिंगर प्रिंट चोरी करके रुपये ट्रांसफर करने वाला एक अन्य व्यक्ति है। बैंक से ट्रांजेक्शन की और जानकारी मांगी गई है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की डिटेल मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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