बदलते मौसम में बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा, इस तरह रखें ध्यान

टीम चैतन्य भारत

इस बार तो मध्य और उत्तर भारत में सर्दी के खत्म होने का सभी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सर्दी तो अब धीरे-धीरे जा रही है और इसी के साथ गर्मी दस्तक दे रही है। ऐसे में लोग ठण्ड और गर्मी के चलते परेशान भी नजर आ रहे हैं। दरअसल, सुबह के समय में तो हल्की ठण्ड का अहसास होता है और जैसे-जैसे सूरज निकलता जाता है वैसे-वैसे गर्मी बढ़ती जाती है। ये स्थिति कई लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालती है। आमतौर पर फरवरी के मौसम में तो सर्दी के लौटने का प्रोग्राम भी शुरु हो जाता है और ऐसे में सभी लोगों की सेहत पर इस बदलते मौसम में सेहत पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

बदलते मौसम से बचकर रहना

वैसे तो ठंड का मौसम जाने से लोगों को ठंड से राहत तो मिलती है लेकिन साथ ही गर्मी के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ने लग जाती है जिससे कि दिन में आलस्य आना, बच्चों को सर्दी जुखाम बुखार जैसे इन्फेक्शन होना आदि दिक्कते होने लग जाती है। ऐसे में जब भी मौसम में परिवर्तन होता है तो हमारे शरीर उसके प्रभाव से बचने की तैयारी तुरंत शुरू कर देता है। उदाहरण के लिए बता दें जब गर्मी होती है तो हमारी त्वचा से पानी निकलने लगता है, जिसे हम पसीना कहते हैं। वहीं ठण्ड के समय में हमारा शरीर कांपने लगता। जब भी मौसम बदलता है तो हमें भी हमारी दिनचर्या बदलने की जरूररत महसूस होने लगती है। यदि हम मौसम के अनुसार शरीर में बदलाव नहीं करेंगे तो इससे शरीर का उत्साह और चुस्ती खत्म हो जाएगी। नतीजन बदलते मौसम के साथ हमारे शरीर को थकान जल्दी महसूस होती है और शरीर दिन के समय भी नींद की मांग करता है।

क्या हैं उपाय

  • इससे बचने के लिए आप हमेशा मौसमी फल खाएं, खाना समय पर खाएं और ज्यादा खाना की चिंता न करें।
  • गर्मी के मौसम में आप खासकर मौसमी फल जो कि रसीले होते हैं उसका सेवन करे।
  • साथ ही आप भोजन करने में भी देर न करें।
  • एक बात ध्यान रहे कि बदलते मौसम में आप ज्यादा ठंडा या ज्यादा गर्म के सेवन से भी बचें।
  • इसके अलावा अगर आप हल्दी वाला दूध और रोटी में घी के साथ ही हल्दी लगाकर खाएं तो इससे आपके शरीर को फायदा मिलता है।

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