भरवारी कस्बे में बुधवार रात घर के बाहर सोए युवक का कत्ल, कौशांबी पुलिस कर रही छानबीन

पड़ोसी जनपद कौशांबी के कोखराज इलाके में भरवारी कस्बे में बुधवार रात घर के बाहर सो रहे 38 साल के देवराज का कत्ल कर दिया गया। सुबह उसका रक्त रंजित शव देख घरवालों ने चीख पुकार की भीड़ जुटी और फिर पुलिस पहुंची। पुलिस घटनास्थल पर छानबीन तथा आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। उधर, पिपरी के नूरपुर हाजीपुर गांव में भी एक दिव्यांग युवक पर घातक हमला किया गया। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बनी है। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है।

सुबह पत्नी ने देखा तो की चीख-पुकार

भरवारी कस्बे के वार्ड नंबर 1 के बिसारा में रहने वाला देवराज कुम्हार था। वह बुधवार रात भोजन के बाद घर के बाहर दरवाजे के पास चारपायी पर सोया था। पत्नी-बच्चे अंदर कमरे में थे। सुबह जगने पर पत्नी पूनम ने देवराज को बिस्तर पर खून से लथपथ देखा तो चीखने लगी। वहां भीड़ लगी और आसपास के लोग जुट गए। देवराज की हत्या कर दी गई थी। शरीर पर धारदार हथियार से गहरे जख्म थे। पुलिस को घटना की खबर दी गई। कुछ देर में सीओ सिराथू और कोखराज थाने की पुलिस ने वहां आकर लोगों से पूछताछ शुरू की। साथ ही शव और घटनास्थल का निरीक्षण किया। रो-बिलख रही पत्नी पूनम को आसपास की महिलाएं संभालने में लगी रहीं। पूनम के तीन बच्चे हैं, वंदना 13 वर्ष, शिवानी 6 वर्ष और दो साल का पुत्र वंश। कत्ल किसने और क्यों किया, यह रहस्य अभी बना है। पत्नी और परिवार के लोगों से जानकारी ली जा रही है कि देवराज की किसी से रंजिश तो नहीं थी। हाल फिलहाल किसी से उसकी कहासुनी तो नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि जिस तरह से कत्ल हुआ है, यह गहरी दुश्मनी या खुन्नस का मामला है।

पिपरी थाना क्षेत्र के नूरपुर हाजीपुर गांव में बुधवार की रात रामलीला देखने के दौरान बोरी बिछाकर बैठने के झगड़े में चार लोगों ने दिव्यांग के बेटे को पीट कर मरणासन्न कर दिया। रामलीला देख रहे अन्य लोगों ने बीच बचाव कर उसकी जान बचाई। आनन-फानन में स्वजनों ने उसे तिल्हापुरमोड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया है।

पिपरी के नूरपुर हाजीपुर गांव में वार्षिक रामलीला चल रही है। शाम को देखने के लिए भीड़ जमा होती है। गांव के कौशलेश पुत्र दोनों आंख से दिव्यांग है। किसी तरह पत्नी राजवंती की मजदूरी से घरवालों का भरण-पोषण करता है। बुधवार की रात उसका 16 वर्षीय बेटा प्रियांशु रामलीला देख रहा था। उसने एक बोरी बैठने के लिए बिछा रखी थी। आरोप है कि इसी बीच गांव के ही चार लोग उसकी बोरी खींचने लगे। विरोध करने पर चारों ने प्रियांशु को गाली गलौज करते हुए लात घूंसे से पीटना शुरू कर दिया। वह बेहोश हो गया। रामलीला देख रहे अन्य लोगों ने बीच बचाव कर उसकी जान बचाई। घटना की जानकारी होने पर पहुंचे स्वजनों ने आनन-फानन में घायल को तिल्हापुरमोड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया है। पीड़ित दिव्यांग ने मामले की तहरीर पुलिस को दिया है।

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