माघ मेला निर्विघ्न कराने के लिए संगम पर अफसरों ने साधु-संतों के साथ गंगा पूजन कर आरती उतारी

माघ मेला निर्विघ्न कराने के लिए संगम नोज पर जिला प्रशासन ने साधु-संतों के साथ गंगा पूजन कर आरती उतारी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन विधिविधान से किया गया। साथ ही गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती से प्रार्थना की गई कि मेले में कोई विघ्न न आए। फूल-माला, दूध और चुनरी चढ़ाकर गंगा का पूजन और आरती की गई।

मंडलायुक्त संजय गोयल, जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री पूजन में शामिल हुए। मेलाधिकारी शेष मणि पांडेय पत्नी के साथ मौजूद रहे। संगम नोज पर जेटी पर पूजनस्थल बनाया गया था। जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी मदन कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट गौरव श्रीवास्तव सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे। पूजन में बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरि, दंडी संन्यासी स्वामी महेशाश्रम, दंडी संन्यासी बिमलदेव आश्रम, किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर व प्रदेश प्रभारी कौशल्यानंद गिरि, आचार्य बाड़ा के अध्यक्ष अच्युत प्रपन्नाचार्य, शालिग्रामाचार्य, कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य, देवरहा बाबा आश्रम के रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, आचार्यबाड़ा के दूसरे गुट के महामंत्री अखिलेशाचार्य, खाकचौक के माधवदास ‘हिटलर बाबा, तीर्थ पुरोहित चंद्रनाथ चकहा ‘मधुजी, प्रकाश चंद्र मिश्र, परी अखाड़ा की त्रिकालभवंता, समाजसेवी फूलचंद्र दुबे, प्रदीप पांडेय, दीपू मिश्रा आदि रहे।

मंडलायुक्त संजय गोयल ने पूजन के तत्काल बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि लोगों से अपील की गई है कि वे टीका लगवाने के बाद ही मेले में आएं। उन्होंने बताया कि सभी प्रवेश मार्ग पर मेला प्रशासन कोविड जांच केंद्र बनाएगा। वैक्सीनेशन प्वाइंट भी रहेंगे, लेकिन बेहतर होगा कि लोग खुद ही टीकाकरण कराकर आएं। जिससे सब सुरक्षित रहें। उन्होंने बताया कि सुरक्षित मेले के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। बताया कि इस बार गंगा की कटान बढ़ रही है। पीछे से पानी छोड़े जाना कम हुआ है। अगले हफ्ते तक हालात सामान्य हो जाएंगे। इसके लिए अफसरों की टीम रोजाना संपर्क में बनी है।

मेला क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग में प्रशासन का अस्थायी दफ्तर बनता है। यहीं से लोगों को सुविधा पर्ची दी जाती है। मेले के लिए पूजन के बाद कार्यालय निर्माण शुरू करा दिया गया। टिन का घेरा बन गया है। यह दफ्तर 21 दिसंबर तक बन जाएगा। 22 दिसंबर को मेले के लिए जमीन आवंटन का पहला दिन है। इसके तत्काल बाद 24 दिसंबर से सुविधा पर्ची लेने के लिए यहां संस्थाओं की भीड़ जुटेगी।

बीच पूजा में पहुंचे कमिश्नर-डीएम, आरती के समय पहुंचे डीआईजी

मेला प्राधिकरण की ओर से पूजन का समय दिन 11 बजे तय था। लगभग 45 मिनट तक अफसरों की प्रतीक्षा चली, लेकिन कमिश्नर, डीएम और डीआईजी उस समय तक नहीं आए। शुभ मूहुर्त देखते हुए मेलाधिकारी ने पूजन शुरू कराया। इस बीच मंडलायुक्त संजय गोयल पहुंचे। कुछ देर बाद डीएम संजय कुमार खत्री आए। दोनों अधिकारी कुछ देर बाद पूजा में शामिल हो सके। वहीं, डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी आरती के समय पहुंचे। फिर वह पंडाल में ही रुक गए।

Related posts