माफिया अतीक से ED ने जेल में फिर की पूछताछ, कई शहरों में संपत्ति की जाएगी जब्त

आठ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने के बाद एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम माफिया अतीक से पूछताछ की है। गुजरात के साबरमती जेल में बंद माफिया से अफसरों ने संपत्ति से लेकर सहयोगियों तक के बारे में जानकारी जुटाई। अब उसके बयान के आधार पर प्रयागराज समेत दूसरे शहरों की अचल संपत्ति पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

ईडी की प्रयागराज इकाई ने अप्रैल 2021 में अतीक के विरुद्ध मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी को अब तक की छानबीन में करोड़ों रुपये अचल संपत्ति के बारे में पता चला है। मगर कार्रवाई से पहले इनकम टैक्स व दूसरे विभाग से अभिलेखीय साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। अतीक की कई नामी व बेनामी कंपनी, फर्म है। इनके ही माध्यम से अपराध के जरिए अर्जित धन को दूसरे काम में इस्तेमाल किया जाता था। साक्ष्य मिलने के बाद कुछ दिन पहले ईडी के अधिकारी साबरमती जेल पहुंचे और फिर माफिया से सवाल किए। हालांकि इस बार उसके रुख में कुछ परिवर्तन देखने को मिला, मगर वह सवालों का सही, गलत जवाब देता रहा। सूत्रों का यह भी कहना है कि अतीक ने जिनके नाम कंस्ट्रक्शन व दूसरी कंपनी थी, उनके और सहयोगियों के नाम बताए हैं। साथ ही यह भी कबूल किया है कि प्रापर्टी के काम से ही ज्यादा पैसा मिलता है, जिससे उसने प्रयागराज के अलावा कई अन्य शहरों में जमीन, मकान खरीदे हैं। इससे पहले ईडी ने अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में अतीक से जेल में पूछताछ की थी। फिर उसके और उसकी बीवी शाइस्ता के 11 बैंक खाते व झूंसी के कटका स्थित जमीन को जब्त करने की कार्रवाई की थी।

मनी लांड्रिंग के मुकदमे में ही अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर को सेशन कोर्ट से समन जारी हुआ है। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर गुंजन झा की ओर से उमर को कई बार नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने के लिए कहा, मगर दो लाख का इनामी उमर सक्षम अधिकारी के सामने हाजिर नहीं हुआ। इसकी अवहेलना पर ईडी ने कोर्ट में अर्जी दी, जिस पर समन जारी हुआ है।

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