गुजरात बना सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य


अहमदाबाद (गांधीनगर)।
गुजरात में 14 जनवरी से सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलना शुरू हो जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन कर गत दिनों केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का रास्ता साफ कर दिया था। संसद के दोनों सदनों से इस संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी 12 जनवरी को इस पर हस्ताक्षर कर दिए थे।

कांग्रेस ने कहा- जल्दबाजी से अमल में भ्रम होगा- गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने राज्य सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे भ्रम पैदा होगा।

विधेयक को कहीं चुनौती नहीं मिल सकती- सुमित्रा महाजन
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रविवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में कहा कि हमने यह बिल इतनी मजबूती से पारित करवाया है कि कोई भी इसे कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकता।

आठ लाख या उससे कम आय पर ही मिलेगा लाभ
इसका फायदा पाने के लिए तय की शर्तें इस तरह हैं-

– ऐसे परिवार जिनकी सालाना आय 8 लाख रु. या उससे कम होगी।
– जिनके पास पांच एकड़ या उससे कम कृषि योग्य जमीन है।
– ऐसे परिवार जिनके पास एक हजार वर्ग फीट या उससे कम का मकान है।
– अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में जिनके पास 100 गज का प्लाट है।
– गैर अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में 200 गज या उससे कम का प्लॉट है।
– जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे।


इस तरह विभिन्न स्तरों पर मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात जनवरी को आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन बिल को मंजूरी दी थी। इसे लोकसभा ने आठ जनवरी और राज्यसभा ने नौ जनवरी को पारित किया था। गुजरात में अप्रैल 2015 से ही पाटीदार समाज आरक्षण की मांग कर रहा है। राजस्थान में गुर्जर, महाराष्ट्र में मराठा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सवर्ण समुदाय आरक्षण की मांग करता आ रहा है। अब आर्थिक आधार पर 10 फीसद आरक्षण लागू किए जाने के बाद पाटीदार समाज के कुछ लोग ओबीसी के तहत आरक्षण की मांग फिर उठा रहे हैं।

खास बातें
– शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
– यह आरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे के अतिरिक्त दिया जाएगा।
– पहले से घोषित उन भर्तियों में भी यह आरक्षण लागू होगा, जिनकी अभी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
– जिन भर्तियों के लिए लिखित, मौखिक और कंप्यूटर परीक्षा ली जा चुकी है, उन पर यह लागू नहीं होगा।

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