शेयर बाजार पर होगा सामान्य से कम बारिश का असर

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टीम चैतन्य भारत 

खेती-बाड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश में कुल कृषि योग्य भूमि का एक बड़ा हिस्सा सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर है। ऐसे में मानसून का मिजाज अहम हो जाता है। यही वजह है कि शेयर बाजार पर भी इसका असर देखा जाता है।

मौसम के मिजाज की थाह लेने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने हाल ही में अनुमान लगाया है कि 2019 के दौरान भारत में मानसून की बारिश सामान्य से कम होगी। इससे कृषि क्षेत्र की बेहतरी और 2.6 अरब डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि को लेकर संभावनाएं धूमिल हो गई हैं। भारत में मानसून की बारिश जून से सितंबर के बीच होती है। इस दौरान पूरे साल की तकरीबन 70 प्रतिशत बरसात हो जाती है। स्काईमेट का कहना है कि इस साल मानसून की बारिश उतनी नहीं होगी, जितना लंबे समय का औसत रहा है। एजेंसी का कहना है कि भारत में होने वाली बारिश पर ‘अल-नीनो
प्रभाव का असर नजर आ सकता है। अल नीनो जलवायु में नियमित बदलाव का एक हिस्सा है, जिसकी स्थिति तब बनती है जब उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह का तापमान विस्तारित अवधि के लिए सामान्य स्तर से ऊपर होता है।

स्काईमेट वेदर सर्विसेज के एमडी जतिन सिंह ने कहा है कि भारत में मानसून के दौरान सामान्य से 93 प्रतिशत कम बारिश होगी। लंबी अवधि के औसत के हिसाब से भारत में सामान्य बारिश का मतलब है 89 सेंटीमीटर (35 इंच) पानी गिरना। जतिन सिंह के बयान के मुताबिक प्रशांत महासागर औसत से अधिक गर्म हो गया है। इस मामले में अभी जो स्थिति है, उसे देखते हुए मॉडल अनुमान के हिसाब से मार्च-मई में अल-नीनो की 80 प्रतिशत संभावना बनती है। हालांकि, जून से लेकर अगस्त के बीच इसकी संभावना 60 प्रतिशत रहेगी।

स्काईमेट ने अंदाजा लगाया है कि जुलाई में इस बात की 55 प्रतिशत आशंका है कि बारिश सामान्य कम होगी। एजेंसी का यह भी कहना है कि अगस्त और सितंबर में सामान्य बारिश की उम्मीद 55 प्रतिशत है। शेयर बाजार पर असर इसलिए आम मान्यता रही है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर मानसून की बारिश का असर होता है। यह एक हद तक सही भी है। वजह यह है कि भारत का कृषि क्षेत्र मानसून की बारिश पर अधिकनिर्भर है और इस लिहाज से बारिश के पैटर्न में कोई भी बदलाव का इस क्षेत्र पर गहरा असर होता है। जाहिर है, आर्थिक नजरिए से यह महत्वपूर्ण परिघटना होती है। ऐसे में शेयर बाजार पर तो इसका असर होगा ही।

निवेशकों के लिए सलाह

कुल मिलाकर मानसून सीजन में सिंचाई क्षेत्र की शीर्ष कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने की जरूरत होगी। जैन इरिगेशन लिमिटेड, एस्कॉर्ट्स लिमिटेड, पीआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सिंटेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टाइम टेक्नोप्लास्ट लिमिटेड और रिस्पांसिव इंडस्ट्रीज
लिमिटेड इनमें शामिल हैं।

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