श्रृंगवेरपुर में आज नितिन गडकरी करेंगे राम वन गमन पथ का शिलान्यास

अयोध्या से वन गमन को चले भगवान श्रीराम के पग जहां-जहां पड़े थे, अब वहां राम वन गमन पथ बनाया जाएगा। राम वन गम पथ बनाने की तैयारी पूरी हो गई है। छह चरणों में 177 किलोमीटर का फोरलेन राम वन गमन पथ का निर्माण किया जाना है। इस पर 4319 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

आज गडकरी करेंगे शिलान्यास, राम वन गमन के बनने से होगा विकास

राम वन गमन पथ के तीन हिस्से का शिलान्यास केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी श्रृंगवेरपुर में आज बुधवार को करेंगे। अगले दिन वह कौशांबी में इसके तीन हिस्से का शिलान्यास करेंगे। इस पथ के बनने से भगवान राम से जुड़े 37 स्थलों का विकास होगा और रामभक्तों को वहां तक पहुंचना आसान होगा।

भगवान राम से जुड़े देशभर में तमाम स्थल हैं। लेकिन वन गमन के दौरान जिन-जिन स्थलों पर भगवान के पग पड़े, वह विशेष हैं। इन स्थलों के दर्शन के लिए हर राम भक्त लालायित रहता है। इन स्थलों को एक सूत्र में पिरोने के लिए सालों से योजना बन रही थी। लेकिन अब यह साकार हो रही है। अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण की शुरुआत होने के बाद राम वन गमन पर काम शुरू हो गया है। अयोध्या से सुल्तानपुर होते हुए प्रतापगढ़ के गोड़े गांव तक राम गमन बना हुआ है। अब प्रतापगढ़ के मोहनगंज से चित्रकूट तक फोरलेन राम वन गमन बनाया जाना है। यह मार्ग दो साल में बनकर पूरा हो जाएगा। तब रामभक्त भगवान राम से जुड़े स्थलों तक पहुंच सकेंगे।

अयोध्या में मणि पर्वत, तमसा नदी, सूर्यकुंड, रामपुर भवन, वेदश्रुति नदी के किनारे बने मंदिर। सुल्तानपुर में गोमती नदी के किनारे बने मंदिर। प्रतापगढ़ में बदरथी, देवघाट और बकुलाही नदी बने मंदिर। प्रयागराज में श्रृंगवेरपुर, रामशैया सिंगरौर, सीताकुंड सिंगरौर, भरद्वाज आश्रम, अक्षयवट, यमुना घाट जलालपुर, सीता रसोई जसरा बाजार में हैं। कौशांबी में गंगा किनारे कुरई गांव, रामजूठा तालाब चरवा है। चित्रकूट में सीता पहाड़ी, हनुमान मंदिर मुरका, दशरथ कुंड लोरी, रामनगर, बाल्मीकि आश्रम लालापुर, चित्रकूट दर्शन खोहगांव, कामदगिरी पर्वत, रामशैया, कोटि तीर्थ, देवांगना, रामघाट, मांडव आश्रम, भरतकूप, टाठीघाट, पुष्कर्णी, मार्कंडेय आश्रम। सतना में स्फटिक शिला, गुप्तगोदावरी और अत्रि ऋषि आश्रम हैं।

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