संस्कृत स्कूल प्रबंधकों ने अपने बेटों का करा दिया शिक्षक पद पर चयन

सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में संविदा पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होते ही आरोप लगने लगे हैं। आरोप लगे हैं कि स्कूल के प्रबंधकों ने अपने बेटों का चयन एक-दूसरे स्कूलों में करवा लिया है। इस अनियमितता की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधकों ने चयन में बड़े पैमाने पर धांधली की है।

युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि महर्षि पाणिनि संस्कृत माध्यमिक विद्यालय बड़ोखर के प्रबंधक सतानंद शुक्ल के पुत्र उर्मिलेश कुमार शुक्ल व कमलेश कुमार शुक्ल का चयन अयोध्या में श्यामलाल शुक्ल संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में किया गया है। उधर, श्याम लाल शुक्ल संस्कृत माध्यमिक विद्यालय अयोध्या के प्रबंधक दुर्गा प्रसाद के पुत्र नागेश्वर प्रसाद शुक्ल का चयन महर्षि पाणिनि संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में हुआ है। इसके अतिरिक्त गिरीश कुमार शुक्ल पुत्र राममणि शुक्ल का चयन श्री श्यामलाल शुक्ल संस्कृत माध्यमिक विद्यालय अयोध्या में हुआ है। आरोप है कि यह विद्यालय प्रबंधक के भाई के पुत्र हैं। इनके चयन में भी अनियमितता बरती गई है। लवकुश कुमार शुक्ल पुत्र बिहारी लाल शुक्ल का चयन भी महर्षि पाणिनि संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में हुआ है। आरोप है कि यह प्रबंधक के रिश्तेदार हैं, चयन में योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई है। कोरांव तहसील के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह धांधली का आरोप लगाया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई ऐसे लोग भी हैं जो मेरिट लिस्ट में थे, साक्षात्कार भी दिए। बाद में उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया। इस चयन में आरक्षण के नियमों की भी अनदेखी की गई है।

अभ्यर्थी नीरज कुमार जैन ने भी जिलाधिकारी व शिक्षा निदेशक को प्रार्थना पत्र देकर संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों की चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की है। कहा है कि पूरे मामले की जांच कर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। आरोप लगाया गया है कि मेजा क्षेत्र के एक विद्यालय में नियुक्ति के लिए उन्होंने साक्षात्कार दिया था। शैक्षिक गुणांक के आधार पर अभ्यर्थी को 80 अंक दिए गए जब कि साक्षात्कार में मात्र 20 अंक मिले, जो कि गलत है। यह भी आरोपित है कि विद्यालय के प्रबंधक के पुत्र को गलत ढंग से साक्षात्कार में अधिक अंक देकर उसी विद्यालय में नियुक्ति दी गई है।

हाल में ही संस्कृत विद्यालयों में शिक्षक चयन का परिणाम जारी हुआ है। शिक्षक चयन में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। फिलहाल हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो उसकी जांच की जाएगी।

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