सदियों से उपेक्षित सनातन धर्म-संस्कृति का पुन: हो रहा है उत्थान – देवकीनंदन

सदियों से उपेक्षित सनातन धर्म-संस्कृति का पुन: उत्थान हो रहा है। बाबा केदारनाथ धाम, अयोध्या, प्रयागराज, विंध्याचल, मथुरा, काशी, चित्रकूट सहित देशभर के तीर्थस्थलों का कायाकल्प होने से भारत का वैभव पूरी दुनिया में बढ़ा है। प्रयागराज कुंभ-2019 के भव्य आयोजन, दीपावली पर अयोध्या में लाखों दीपक जलने से सनातनियों का स्वाभिमान बढ़ा है। विश्व शाति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के आडिटोरियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को प्रख्यात कथावाचक धर्मरत्‍‌न देवकीनंदन ठाकुर ने व्यास पीठ से उक्त विचार व्यक्त किए। बोले, योग को अपनाकर दुनिया ने भारत को अपना गुरु मान लिया है। कोरोना काल में विश्वभर में मानव जीवन पर संकट आया तो सनातन धर्म के संस्कारों ने उन्हें जीना सिखाया।

भक्तिभाव से ओतप्रोत श्रोताओं को देवकीनंदन ने भजन जगत सब छोड़ दिया सावरे तेरे पीछे..’ श्रवण कराया। कहा कि खुद को बड़ा दिखाने के चक्कर में हम अपनी संस्कृति का नाश करते हैं। हमसे तो अनपढ़ अच्छे हैं जो किसी का बुरा नहीं करते थे। अनपढ़ व्यक्ति नहीं पूछते कि शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाएं? हम भगवान की पूजा क्यों करें? कहा कि पढ़ाई करनी चाहिए, लेकिन उसके मद में चूर होकर धर्म-संस्कृति का उपहास नहीं उड़ाना चाहिए। आपके मस्तिष्क में जितने प्रश्न हैं उससे अधिक का उत्तर हमारे वेद-पुराणों में दिया है। जो जीव सात दिन में संपूर्ण भागवत का श्रवण करेगा उसे मनोवाछित फल की अवश्य प्राप्ति होगी। विधायक प्रवीण पटेल, वरिष्ठ भाजपा नेता सुबोध सिंह सहित अनेक संगठन के लोगों ने देवकीनंदन का माल्यार्पण किया।

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