साइबर क्राइम : पुराने सामान बेचने का एड दे रहे हैं तो रहिएगा चालबाज शातिरों से सावधान

साइबर शातिरों ने अब नया हथकंडा अपनाया है। आनलाइन पुराने सामानों को बेचने के लिए डाले जाने वाले विज्ञापन से वे लोगों को शिकार बना रहे हैं। 15 दिन के भीतर ऐसे आठ मामले अब तक सामने आ चुके हैं। ऐसे में आपको भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

खरीदने को तैयार और फिर देते हैं झटका

लोग अपने घरों के पुराने सामानों को आनलाइन बेचने के लिए आनलाइन कई मार्केट प्लेटफार्म पर विज्ञापन डालते हैं। इसी विज्ञापन को देखकर जालसाज सामान बेचने वाले को फोन लगाते हैं। खास बात है कि वह आपके सामान की कीमत को लेकर मोलभाव भी नहीं करते। जालसाज गूगल पे या फोन पे के माध्यम से रुपये देने की बात कहता है। वे एसएमएस भेजते हैं। ये एसएमएस रुपये देने का नहीं, रुपये मांगने का होता है। लोग एसएमएस को ठीक से बिना देखें ही इस पर क्लिक कर देते हैं। फिर यूपीआइ पिन डालते ही अकाउंट से रुपये कट जाते हैं। इसके अलावा एक और तरीका जालसाज अपनाते हैं। वे जिसके खाते में रुपये ट्रांसफार करना होता है, पहले दो रुपये का भुगतान करते हैं। साथ ही यह भी कहते हैं कि इतने ही रुपये उनके खाते में भुगतान करना जरूरी है, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी न हो सके। जैसे ही लोग इनके खाते में दो रुपये का भुगतान करते हैं, वैसे ही कई चक्र में खाते से रुपये निकल जाते हैं।

लूकरगंज के रहने वाले पंकज कुमार ने बाइक बेचने के लिए आनलाइन विज्ञापन डाला। इसकी कीमत 23 हजार लगाई। शातिर ने फोन कर बाइक पसंद की और गूगल पे से पेमेंट करने की बात कही। पंकज के खाते में दो रुपये भेजा और जब पंकज ने उसके खाते में दो रुपये भेजे तो उसने चार बार में करीब 36 हजार रुपये पार कर दिया।

पुराना कटरा की रहने वाली प्रशाली गुप्ता ने डाइनिंग टेबल बेचने का विज्ञापन डाला था। शातिर ने पांच हजार में सौदा तय किया। शातिर के भाई ने फोन कर गूगल पे के माध्यम से पेमेंट करने की बात कही और फिर प्रशाली की बहन के खाते से लगभग 25 हजार रुपये निकाल लिया।

ऐसे बरतें सावधानी

-कोई भी अगर आनलाइन खरीददारी के लिए फोन करे तो पहले उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें।

-आनलाइन पेमेंट को लेकर बेहद सक्रियता बरतें।

-आनलाइन रुपये लेने से अच्छा है कि नकद धनराशि लें।

-ट्रांजैक्शन से पहले कई एप पर ओटीपी आता है। किसी को भी इस बारे में न बताएं।

-अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे जाने वाले एसएमएस के लिंक पर क्लिक करने से बचें।

आनलाइन सामान को बेचते और खरीददते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। गूगल पे और फोन पे से अगर कोई पेमेंट करने की बात कहता है फेस टू फेस मिलकर नकद भुगतान की बात कहें। किसी को भी अपने बैंक खाते के बारे में जानकारी न दें। 

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