सोमेश्वर महादेव धाम को विशेष रूप से विकसित करेगा प्रयागराज विकास प्राधिकरण

नैनी के देवरख क्षेत्र में स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर का पौराणिक और धार्मिक रूप से विशेष महत्व है। माघ, अर्द्ध कुंभ और कुंभ मेला लगने के कारण इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी आते हैं। इसके मद्देनजर सोमेश्वर महादेव धाम को विशेष रूप से विकसित करने की योजना प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने बनाई है। इसके लिए डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।

शहरी क्षेत्र में पौराणिक धार्मिक स्थलों को विकसित करने की जिम्मेदारी सरकार द्वारा प्राधिकरणों को दी गई है। इसी क्रम में प्राचीन सोमेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए लगभग 80 लाख रुपये बजट का प्रविधान किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर तक सड़क, स्ट्रीट लाइट, बेंच, पानी आदि अवस्थापना का विकास किया जाना है। श्रद्धालुओं के रहने के लिए बारादरी, यात्री आवास के अलावा गेट का भी निर्माण कराने की योजना है। जल्द ही डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। उसके बाद सुविधाओं के विकास के लिए टेंडर निकाला जाएगा। टेंडर फाइनल होने पर कार्य शुरू कराया जाएगा।

ऐसी मान्यता है कि चंद्रदेव ने सोमेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की थी। ऋषि गौतम के शाप से मुक्ति के लिए उन्होंने इसी मंदिर में भगवान शिव की आराधना की थी। इसे अलकापुरी के नाम से भी जाना जाता है। यह भी मान्यता है कि मंदिर के ऊपर लगे त्रिशूल की दिशा हर पूर्णिमा की रात बदल जाती है।

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