सूर्य से हजार गुना बड़े तारे ‘बीटलग्यूज’ में हो सकता है विस्फोट, धरती से भी देख सकेंगे नजारा

betelgeuse

चैतन्य भारत न्यूज

वॉशिंगटन. आकाशगंगा में वैसे तो कई तारें हैं लेकिन इनमें से सबसे चमकीले तारों में से एक ‘बीटलग्यूज’ है, जो अब धीरे-धीरे अपनी चमक खोने लगा है। जानकारी के मुताबिक, बीटलग्यूज लाल रंग का एक तारा है जो ओरायन तारामंडल का ही एक हिस्सा है।



खगोलविदों (Astronomer) के मुताबिक, बीटलग्यूज तारा अब सुपरनोवा चरण की ओर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में इसमें विस्फोट होने की संभावना है। बता दें सुपरनोवा एक शक्तिशाली तारकीय विस्फोट है। इसके कारण कोई भी तारा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में बीटलग्यूज की चमक काफी कम हो गई है। इसके कारण बीटलग्यूज को 12वें सबसे चमकीले तारे की सूची से हटाकर 20वें स्थान पर रखा गया है। यदि इस तारे में विस्फोट होता है तो यह इंसानों को दिखने वाला पहला सबसे पास का सुपरनोवा हो सकता है। बता दें पृथ्वी से बीटलग्यूज की दूरी 642.5 प्रकाश वर्ष है। बता दें अंतरिक्ष में मौजूद तारों के बीच की दूरी को नापने के लिए प्रकाश वर्ष का इस्तेमाल किया जाता है।

विलेनोवा विश्वविद्यालय के एक खगोलविद ने बताया कि, बीटलग्यूज महज 430 दिनों के अंदर ही अपनी रोशनी खत्म कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि, ‘हमारे आंकड़े अगर सटीक बैठते हैं तो बीटलग्यूज 21 फरवरी को अपनी सबसे कम चमक पर पहुंच जाएगा।’

ज्यादातर खगोलविदों में यह माना है कि, बीटलग्यूज अपने पतन की ओर आगे बढ़ रहा है। सूरज की तुलना में बीटलग्यूज का आकार हजार गुना ज्यादा बड़ा है। अगर यह हमारे सौर मंडल में प्रवेश कर लेता है तो बृहस्पति ग्रह की कक्षा से भी बड़ा होगा। इस कारण ही खगोलविद इसे ‘सुपरजायंट्स’ कहते हैं। खगोलविदों का कहना है कि, इस तरह के तारे काफी तेजी से बढ़ते हैं और जल्द ही विस्फोट हो जाते हैं।

ये भी पढ़े…

328 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद आज धरती पर लौटेंगी क्रिस्टीना कोच

अंतरिक्ष में पहुंचाई गईं फ्रेंच शराब की 12 बोतलें, लेकिन इसे नहीं पी पाएंगे अंतरिक्ष यात्री

मिशन गगनयान में जाने वाले अंतरिक्ष यात्री बिना पानी के इस तरह नहाएंगे, नासा ने भी मांगी यह तकनीक

Related posts