महाशिवरात्रि 2021: इस अनोखे मंदिर में एक शिवलिंग में होते हैं 1008 शिवलिंग के दर्शन

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चैतन्य भारत न्यूज

बड़वानी. इस बार 21 फरवरी यानी शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर हम आपको आज भोलेनाथ के एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां एक ही शिवलिंग पर छोटे-छोटे 1008 शिवलिंग बने हुए हैं। जी हां… देशभर से श्रद्धालु इस अनोखे शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं।


1100 साल पुराना शिवलिंग

भोलेनाथ का यह अनोखा व अतिप्राचीन शिवलिंग मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के निवाली के समीप ग्राम वझर में है। शिवलिंग की ऊंचाई करीब साढ़े तीन फीट है। कहा जाता है कि इस अनोखे शिवलिंग के दर्शन-पूजन से 1008 शिवलिंग की पूजा का पुण्य एकसाथ मिल जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक, भोलेनाथ का यह शिवलिंग परमारकालीन राजाओं द्वारा बनवाया गया है। लिहाजा यह 1100 साल से भी ज्यादा पुरानी है।

काले पत्थर पर बने एक शिवलिंग पर बड़ी-ही नाजुकता और सफाई से 1008 शिवलिंगों को उकेरा गया है। शिवलिंग को एक पेड़ के नीचे स्थापित किया गया है। पास ही नंदी भगवान की भी एक विशाल प्रतिमा रखी गई है।

अन्य देवताओं की प्रतिमा भी विराजित

मंदिर परिसर में न सिर्फ 1008 मुख वाला शिवलिंग बल्कि और भी कई देवताओं की प्रतिमा विराजित है। साथ ही यहां जैन प्रभु की प्रतिमाएं भी हैं। उचित रख-रखाव के अभाव के कारण यहां से कुछ प्रतिमाओं को केंद्रीय संग्रहालय इंदौर व अन्य स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

वर्षभर जलमग्न रहता है शिवलिंग

वझर में स्थित 1008 शिवलिंग वाले मंदिर के अलावा यहां से 3 किमी दूर ग्राम फुलज्वारी में भी एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह मंदिर गर्भगृह में है। जानकारी के मुताबिक, गर्भगृह में स्थापित यह शिवलिंग सालभर जलमग्न रहता है। वर्त्तमान में भी मंदिर के गर्भगृह में छह इंच से अधिक पानी भरा हुआ मिला। इस मंदिर के आसपास भी कई खंडित प्राचीन प्रतिमाएं रखी हुई हैं।

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