105 की उम्र में चौथी पास करने वालीं भागीरथी अम्मा का बनेगा आधार कार्ड, पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में किया था जिक्र

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चैतन्य भारत न्यूज

तिरुवनंतरपुरम. केरल के कोल्लम की रहने वालीं 105 साल की भागीरथी अम्मा अब अपना आधार कार्ड बनवा रही हैं। बता दें भगीरथी अम्मा ने 105 साल की उम्र में चौथे वर्ग के बराबर की परीक्षा पास की, जिसके बाद से वह मशहूर हो गईं हैं।


अम्मा को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

दरअसल बढ़ती उम्र के कारण अब तक भागीरथी अम्मा का आधार कार्ड नहीं बना था। इस कारण वे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पा रही थीं। जब पिछले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भागीरथी अम्मा का जिक्र किया तो उसके बाद यह पता चला कि अम्मा के पास आधार कार्ड नहीं है। फिर एक सरकारी बैंक के अधिकारी केरल के कोल्लम जिले में स्थित भागीरथी अम्मा के घर पहुंचे और आधार कार्ड से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी की। आधार कार्ड बनने के बाद भागीरथी अम्मा को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

9 साल की उम्र में भाई-बहनों को संभाला

बता दें अम्मा हमेशा से ही पढ़ना चाहती थीं और ज्ञान अर्जन करना चाहती थीं। लेकिन अपनी मां की मौत की वजह से उन्होंने यह सपना बीच में ही तोड़ दिया। अम्मा जब 9 साल की थीं तो वह तीसरी कक्षा में पढ़ती थीं और इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। दरअसल भागीरथी अम्मा के ऊपर उनके भाई-बहनों की देखरेख की जिम्मेदारी आ गई थी। जिंदगी की जद्दोजहद ने भले ही लगातार उन्हें पढ़ाई से दूर रखा हो लेकिन वह अपना सपना कहीं दबाए हुए बैठी थीं और जब मौका मिला तो उन्होंने इसे पूरा करने का सोच लिया।

30 साल की उम्र में पति को खो दिया

भागीरथी अम्मा जब तमाम परिस्थितयों से उबरीं तो उनके ऊपर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा। महज 30 साल की उम्र में अम्मा के पति की मौत हो गई। ऐसे में अपने छह बच्चों के पालन पोषण की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर ही आ गई। अब जाकर जब उनकी सारी जिम्मेदारियां पूरी हो गईं और उन्हें पढ़ने का मौका मिला तो उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

चौथी कक्षा के समतुल्य परीक्षा दी

भागीरथी अम्मा ने अपने घर में चौथी कक्षा के समतुल्य परीक्षा दी। इस उम्र में अम्मा को लिखने में थोड़ी दिक्कत होती है, इसलिए उन्होंने पर्यावरण, गणित और मलयालम के तीन प्रश्नपत्रों का हल तीन दिन में लिखा था। इसमें उनकी छोटी बेटी ने उनकी मदद की थी।

पीएम मोदी ने किया था प्रणाम

भागीरथी अम्मा के पढ़ाई के प्रति इसी जुनून को देखकर पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम उनका उदाहरण दिया और कहा कि, ‘उन्होंने 105 साल की उम्र में न सिर्फ स्कूली पढ़ाई शुरू की बल्कि परीक्षा में 75 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण भी हुईं। भागीरथी अम्मा जैसे लोग, इस देश की ताकत हैं। प्रेरणा की एक बहुत बड़ी स्रोत हैं। मैं आज विशेष-रूप से भागीरथी अम्मा को प्रणाम करता हूं।’

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