अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस : जानिए नशे के विभिन्न प्रकार और इसके दुष्परिणाम

nasha nirodhak diwas 2019

चैतन्य भारत न्यूज

हर साल 26 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन नशे की चपेट में आने वाले लोगों को जागरूक किया जाता है। बता दें, ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा’ ने 7 दिसंबर 1987 को यह प्रस्ताव पारित किया था और तभी से हर साल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस दिन को मनाया जाता है।

नशा एक ऐसी बीमारी है जिसमें आज की युवा पीढ़ी डूबी हुई है। आज के युवा शराब, सिगरेट, तम्‍बाकू एवं ड्रग्‍स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर नशे का शिकार हो रहे हैं। आज हम आपको बता रहे हैं नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जिनसे आप आज तक वाकिफ नहीं हुए होंगे। आइए जानते हैं-

  •  मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ी हानि स्वास्थ्य को होती है। नशे से धीरे-धीरे आपके शरीर में कई बीमारियां पनपने लगती हैं। साथ ही यह आपके दिमाग को भी अपनी चपेट में ले लेता है।
  • जो व्यक्ति नशा करता है वह हमेशा चिढ़ा हुआ और मानसिक तनाव से ग्रसित होता है।
  •  नशा करने वाले लोग हमेशा अपने ख्‍यालों में ही रहते हैं। उन्हें अपने आस-पास के माहौल से ज्‍यादा मतलब नहीं होता है।
  • नशा करने वाला व्यक्ति आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक स्थिति से भी कमजोर होता है।
  •  नशा करने वाला व्‍यक्‍ति अपने समाज एवं परिवार से बिलकुल दूर हो जाता है।
  •  जो व्‍यक्‍ति नशा करता है वह सबसे ज्‍यादा दुर्घटनाओं का शिकार होता है।
  •  नशा करने वाला व्‍यक्‍ति किसी भी हद तक जा सकता है। वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है।
  •  मादक पदार्थों के सेवन में शराब, सिगरेट, ड्रग्‍स, हेरोइन, गांजा, भांग आदि शामिल हैं।

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