28% पुलिसकर्मियों का मानना- नेताओं का दबाव जांच में बड़ी बाधा, 41% ने माना- महिलाओं में शारीरिक बल की कमी

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चैतन्य भारत न्यूज

पुलिस को मिलने वाले बजट का उपयोग, बुनियादी ढांचे और संख्याबल के मामले में दिल्ली पुलिस देश में सर्वश्रेष्ठ है। इन सभी मामलों में उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ की पुलिस का प्रदर्शन बेहद खराब है, लेकिन ये लोग ही सबसे ज्यादा काम करते हैं।



यह बात 22 राज्यों के विश्लेषण से सामने आई है। यह रिपोर्ट कॉमन कॉज और लोकनीति- सेंटर फॉर द स्टडी डेवलपिंग सोसाइटीज द्वारा जारी की गई है। इसमें 22 राज्यों में 11,000 पुलिसकर्मियों पर स्टडी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 22 राज्यों के पुलिस स्टेशनों में औसतन 6 कंप्यूटर हैं। वहीं दिल्ली में यह आंकड़ा यह औसत 16.5% और बिहार में 0.6% है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पुलिस विभाग के आधुनिकरण के लिए दिए गए बजट का 48% ही उपयोग किया गया है।

नेताओं का दबाव सबसे बड़ी बाधा 

रिपोर्ट के मुताबिक, 28% पुलिसकर्मियों का यह मानना है कि अपराध की जांच में नेताओं का दबाव सबसे बड़ी बाधा है। वहीं 7% पुलिसकर्मी विभाग का दबाव मानते हैं। 9% पुलिसकर्मियों का मानना है कि, गवाहों की कमी जांच प्रभावित करती है। जबकि 7% विभाग के दबाव को स्वीकारते हैं और 6% पुलिसकर्मी यह मानते हैं कि लोग मदद नहीं करते। 5% पुलिसकर्मियों ने कहा कि, समय की कमी जांच को प्रभावित करती है।

महिला पुलिस बल में शारीरिक बल की कमी 

रिपोर्ट के मुताबिक, 41% पुलिसकर्मियों का मानना है कि, महिलाओं में पुलिस की नौकरी के लिए जरुरी शारीरिक बल और आक्रामक व्यवहार की कमी होती है। वहीं 32% पुलिसकर्मी ऐसा सोचते हैं कि महिला पुलिस अपराध के बड़े मामले नहीं संभाल सकतीं हैं। 51% पुलिसकर्मियों ने कहा कि, ड्यूटी के घंटे तय नहीं रहने के कारण महिलाएं घर पर ध्यान नहीं दे पातीं और इसलिए पुलिस में काम करना चुनौतीपूर्ण है।

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