अयोध्या विवादः सुप्रीम कोर्ट ने गठित की 3 सदस्यीय मध्यस्थता पैनल, जानें कौन हैं शामिल

चैतन्य भारत न्यूज।

नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को  मध्यस्थता पैनल का ऐलान किया है। इस मध्यस्थता पैनल में तीन सदस्य होंगे, जिनमें आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर, पूर्व जस्टिस केएम कलीफुल्ला और श्रीराम पांचु हैं। रिटायर्ड जस्टिस की अगुवाई में इस पैनल को चार हफ्ते में मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है जबकि इसे आठ हफ्ते में खत्म करने का आदेश दिया गया है।

मध्यस्थता की पूरी कार्यवाही कैमरे में कैद होगी और मीडिया इसकी रिपोर्टिंग नहीं कर सकेगा। तीन सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला करेंगे जबकि उनके साथ श्री श्री रविशंकर और श्रीराम पांचू होंगे।

आइए जानते हैं कौन हैं पैनल में शामिल ये तीन लोग….

श्रीश्री रविशंकर

श्रीश्री रविशंकर का जन्म भारत के तमिलनाडु राज्य में 13 मई 1956 को हुआ था। उनके पिता का नाम व वेंकट रत्नम् था जो भाषाकोविद् थे और उनकी माता श्रीमती विशालाक्षी एक सुशील महिला थीं। आदि शंकराचार्य से प्रेरणा लेते हुए उनके पिता ने उनका नाम ‘रविशंकर’ रखा था। आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर को मध्यस्थता के सदस्य के तौर बोर्ड में शामिल किया गया है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर इससे पहले भी व्यक्तिगत स्तर पर अयोध्या मामले को सुलझाने की पहल कर चुके हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके अलावा, वह कश्मीर में शांति के लिए भी व्यक्तिगत तौर पर पहल कर चुके हैं।

जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला

तमिलनाडु के रहने वाले जस्टिस कलीफुल्ला का पूरा नाम फाकिर मुहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला है। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए गठित पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला को दी है। जस्टिस इब्राहिम कलीफुल्‍ला का जन्म कराईकुड़ी, तमिलनाडु में सन् 23 जुलाई 1951 को हुआ था। 2011 में राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने हाईकोर्ट के जस्टिस फकीर मोहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया था। इससे पहले जस्टिस इब्राहिम मद्रास हाईकोर्ट में स्थायी जज थे।

श्रीराम पांचु

श्रीराम पांचु एक वरिष्ठ वकील और मध्यस्थ हैं। वह मिडिएशन चैंबर्स के संस्थापक हैं। द मेडिएशन चेम्बर्स के नाम से इन्होंने एक संस्था बनाई है, जो मध्यस्थता में सेवाएं प्रदान करती है। पांचु भारतीय मध्यस्थों के संघ के अध्यक्ष और अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता संस्थान के बोर्ड में निदेशक भी हैं। वे देश के तमाम हिस्सों में व्यावसायिक, कॉरपोरेट और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े और जटिल विवादों में मध्यस्थता कर चुके हैं।

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