जम्मू कश्मीरः आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद

चैतन्य भारत न्यूज।

जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा इलाके में गुरुवार दोपहर करीब पौने चार बजे फिदायीन आतंकी ने सीआरपीएफ के एक काफिले पर हमला कर दिया। हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। इस हमले के बाद से ही दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अलर्ट जारी किए गए हैं।  इस आतंकी हमले के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।

बताया जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती दस्ते अफजल गुरु स्क्वाड के स्थानीय आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास ने विस्फोटकों से लदी कार को उल्टी दिशा से आते हुए सीआरपीएफ के काफिले में शामिल जवानों से भरी एक बस से टकरा दिया।  विस्फोट से कम से कम 40 जवान शहीद हो गए। कार में बड़ी मात्रा में विस्फोटक थे। काफिले में शामिल तीन अन्य वाहनों को भी भारी क्षति पहुंची है। सभी घायल जवानों को उपचार के लिए बादामी बाग सैन्य छावनी स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

जानकारी अनुसार हमले में 45 से अधिक जवान घायल भी हुए हैं। जवानों को तुरंत श्रीनगर के हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। इसके अलावा अन्य 10 से अधिक जवानों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस हमले पर शोक जताया है और जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता बिना रोक टोक जारी है।

सर्च ऑपरेशन जारी

आतंकी वारदात के बाद सेना ने जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर ट्रैफिक बंद करते हुए अवंतीपोरा और आसपास के इलाकों में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इसके अलावा पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और श्रीनगर जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

इससे पहले भी हुए हैं हमले…

उरी में सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

सितम्बर 2016 –  उरी के आर्मी कैम्प पर आतंकवादी हमला

2016 में उरी आर्मी कैंप पर जम्मू और कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर हमला हुआ था।  इसमें भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे। यह भारतीय सेना पर किया गया, लगभग 20 सालों में सबसे बड़ा हमला था।

29 नवम्बर 2016 – जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में आर्मी कैंप पर हमला

29 नवम्बर 2016 को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में आर्मी कैंप पर आंतकियों के हमले में 3 आतंकी मारे गए, सेना के 7 जवान शहीद हुए।इस हमले में हमलावर आतंकी पुलिस के ड्रेस में आए थे।

27 अप्रैल 2017-  कुपवाड़ा के पंजगाम में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला

27 अप्रैल 2017 को कुपवाड़ा के पंजगाम में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले में 2 आतंकी मारे गए और भारतीय सेना के 3 जवान शहीद हो गए।

5 जून 2017-  बांदीपुरा के सुंबल में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमला

5 जून 2017 को बांदीपुरा के सुंबल में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमला हुआ था।इसमें सेना ने चार आतंकियों को मार गिराया था।

26 अगस्त 2017 – पुलवामा पुलिस लाइन में आतंकी हमला

26 अगस्त 201 को पुलवामा पुलिस लाइन में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 8 जवान शहीद, हो गए थे जबकि 3 आतंकियों के ढेर कर दिया गया था। 10-11 फरवरी 2018 को सुंजवां सेना कैंप पर आतंकी  हमला हुआ जिसमें 3 आतंकवादी मारे गए और 6 जवान शहीद हुए थे।

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