पूर्व सेना प्रमुख का खुलासा- कारगिल युद्ध के दौरान भारत को बेचा गया 30 साल पुराना गोला बारूद

kargil vijay diwas 2019,

चैतन्य भारत न्यूज

चंडीगढ़. करगिल युद्ध के 20 साल बाद भी इससे जुड़े नए-नए तथ्‍य सामने आने का सिलसिला जारी है। साल 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने जिस तरह से पाकिस्तानी (Pakistan) सेना को धूल चटाई थी उसे आज भी याद किया जाता है।



ऐसे में भारतीय सेना के तत्‍कालीन प्रमुख जनरल (रिटायर) वीपी मलिक ने दावा किया है कि, ‘कारगिल युद्ध के समय भारत को विदेशों से हथियार और गोला बारूद मंगाना पड़ा था लेकिन इन देशों ने मदद की बजाय बाजार की दर से बहुत ज्‍यादा दाम पर पैसा वसूला और भारत को तीन साल पुराने सैटलाइट पिक्‍चर दिए।’

पुराना बारूद भेजा गया 

चंडीगढ़ में आयोजित ‘मेक इन इंडिया एंड नेशन्स सिक्युरिटी’ कार्यक्रम के दौरान मलिक ने कहा कि, ‘साल 1999 में एलओसी पर लड़े गए कारगिल युद्ध के दौरान फौज के लिए पुराना बारूद भेज दिया गया था, जिससे सेना को दुश्मन से लड़ने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके बाद सेना ने फैसला लिया कि पूरे युद्ध के दौरान इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।’

तेजी से बदल रही तकनीक 

जनरल मलिक ने कहा कि, ‘जब तक भारत आत्मनिर्भर नहीं होगा, तब तक हमारे सैनिक असुरक्षित बने रहेंगे। आज के समय में तकनीक तेजी से बदल रही है। दिक्कत ये है कि जब तक यह तकनीक हमारे सैनिकों तक पहुंचती है तब वह काफी पुरानी हो चुकी होती है।’

युद्ध में 527 जवान हुए थे शहीद

बता दें इस युद्ध में भारतीय सुरक्षा बलों के करीब 2 लाख जवानों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 527 जवान शहीद हो गए थे, वहीं 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। पाकिस्तानी सेना को भारत से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ था। यहां तक कि उसने अपने सैनिकों की लाशें लेने से भी इनकार कर दिया था।

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