केवल 38 फीसदी भारतीयों को अपने डेटा का दुरुपयोग होने की चिंता

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चैतन्य भारत न्यूज।

नई दिल्ली. वर्तमान दौर में धन-दौलत से अधिक कीमती डेटा है इसलिए डेटा चोरी, उसके दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं लेकिन ज्यादातर लोग इसे लेकर लापरवाह रहते हैं। यही वजह है कि बैंकिंग फ्रॉड, खातों से रुपए निकल जाने, ई- मेल व सोशल मीडिया एकाउंट्स के हैक होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। डेटा रिसर्च कंपनी स्टेटिस्टा ने हाल ही में एक सर्वे किया तो पता चला कि भारत में अपने डेटा की चिंता केवल 38 फीसदी लोग करते हैं।

इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगों में डेटा चोरी को लेकर सबसे ज्यादा डर अगर किसी देश में दिखाई देता है तो वह है स्पेन। स्टेटिस्टा के शोध के मुताबिक स्पेन में सबसे ज्यादा 63 फीसदी लोग डेटा के दुरुपयोग को लेकर चिंतित रहते हैं। मेक्सिको 59 प्रतिशत लोगों के साथ दूसरे नंबर पर है जबकि अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी में 40 फीसदी लोग परेशान रहते हैं। चीन में इस मुद्दे पर चिंता जताने वालों की संख्या भारत से केवल एक फीसदी ज्यादा 39 प्रतिशत है।

स्टेटिस्टा ने यह शोध 25 हजार लोगों में किया था। शोध से यह बात भी निकलकर आई कि डेटा की बढ़ती उपयोगिता और उसकी सुरक्षा को लेकर लोग तेजी से जागरूक हो रहे हैं। वे इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि कई कंपनियां अपने ग्राहकों का डेटा बड़ी संख्या में एकत्रित कर रही हैं। उन्हें बेचे जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फेसबुक और गूगल अपने अधिकांश यूजर्स की जानकारी को ट्रैक करने और उसका विश्लेषण करने में सक्षम है। निजी जानकारियों का भी ये कंपनियां बखूबी उपयोग करती हैं क्योंकि अधिकांश ग्राहक यह नहीं जानते कि कंपनियां डेटा का उपयोग किस चीज के लिए करती हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि इन कंपनियों के लिए ग्राहकों की उम्र, आय या उनकी सामाजिक हैसियत और पेशे से संबंधित सूचना का कोई खास महत्व नहीं है लेकिन परिवार नियोजन, बीमारी से संबंधित जानकारी और संपत्तियों के मालिकाना हक से जुड़ी हर जानकारी कंपनियों के लिए काफी काम की होती है।

डेटा की चिंता इसलिए है जरूरी

दुनियाभर में 4 अरब 39 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं यानी उनका डेटा निशाने पर आ सकता है। इन लोगों में से 3 अरब 48 करोड़ से ज्यादा लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। भारत में गूगल के 33.7 करोड़ उपभोक्ता हैं जबकि फेसबुक का उपयोग 30 करोड़ से ज्यादा लोग करते हैं। मार्केट रिसर्च कंपनी ई-मार्केटर के मुताबिक इस साल भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या 33.7 करोड़ हो जाएगी। यह आंकड़ा भारत की कुल आबादी के एक चौथाई से ज्यादा है।

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