हीरोइन बनने के लिए अपने बेटे को ट्रेन में छोड़ गई मां, 38 साल बाद अब बेटे ने मांगा डेढ़ करोड़ मुआवजा

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चैतन्य भारत न्यूज

मंबई. अपने पहले पति से हुए बेटे को कानूनी तौर पर स्वीकार नहीं करने वाली एक बॉलीवुड कालाकार को उसी के बेटे ने कोर्ट में लाकर खड़ा कर दिया। बेटे ने अपनी मां के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट मे गुहार लगाई है कि उसकी मां उसे कानूनी तौर पर बेटा माने और इतने सालों तक उसने जितनी भी मुश्किलें और मानसिक तकलीफें झेली हैं उसके लिए मुआवजा दे।


डेढ़ करोड़ मांगा मुआवजा

इस मामले की सुनवाई जस्टिस अमजद सैयद और जस्टिस अनुजा प्रभू देसाई की बेंच ने की। मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी। जानकारी के मुताबिक, बेटे ने अपनी मां से 1.5 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है।

ट्रेन में छोड़कर चली गई मां

बताया जा रहा है कि मुंबई के जोगेश्वरी में रहने वाले 40 वर्षीय श्रीकांत सबनीस पिछले करीब 20 साल फिल्म इंडस्ट्री में बतौर मेकअप मैन काम कर रहे हैं। श्रीकांत के पिता दीपक सबनीस ने 4 अप्रैल 1949 में उषा पंडित से शादी की थी। फिर 26 फरवरी 1979 को उनके बेटे श्रीकांत का जन्म हुआ। श्रीकांत की मां फिल्म उद्योग में काम करने के लिए मुंबई आना चाहती थी। सितंबर 1981 में श्रीकांत की मां उन्हें साथ लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गई। मुंबई पहुंचकर उनकी मां ने उन्हें डेक्कन एक्सप्रेस में छोड़ दिया था और वहां से चली गई। फिर श्रीकांत की मां ने उदय म्हसकर नामक शख्स से शादी कर ली।

सोशल मीडिया की मदद से मां को खोजा

पुलिस ने कुछ सालों बाद श्रीकांत को उनकी दादी तक पहुंचा दिया। दादी के गुजर जाने के बाद श्रीकांत की मौसी ने उन्हें संभाला। 36 साल बाद श्रीकांत ने अपनी मां को सोशल नेटवर्किंग साइट से ढूंढ निकाला। फिर उन्होंने अपनी मां का पता लगाया और मुंबई के डोंबिवली जाकर उनसे परिवार संग मुलाकात भी की। उषा पंडित अब आरती म्हसकर बन चुकी हैं। श्रीकांत ने बताया कि, मुलाकात के कुछ दिनों बाद मां ने उनसे संपर्क रखना बंद कर दिया। मां के इस व्यव्हार से परेशान होकर श्रीकांत ने आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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