किसान आंदोलन: आज सद्भावना दिवस मनाएंगे प्रदर्शनकारी किसान, दिनभर रखेंगे उपवास

चैतन्य भारत न्यूज

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने 30 जनवरी को सद्भावना दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की है। मोर्चा के नेता इस दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास रखेंगे।

सिंघु बॉर्डर पर प्रेस कांफ्रेस में किसान नेताओं केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ निशाना साधा। किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि इंटरनेट बहाल किया जाए । हमारी बातें लोगों तक नहीं पहुंच सके इसके लिए इंटरनेट बंद किया गया है। यहां आज पुलिस ने हिंसा के लिए बीजेपी और आरएसएस के लोग भेजे हैं। लोग यहां बढ़ रहे हैं। गाजीपुर के बाद सिंघु, टिकरी, शाहजहांपुर हर जगह लोग आ रहे हैं- सरकार इसे हिंदू और सिख का मसला बनाना चाहती है । बीजेपी के लोग यहां प्रदर्शन करने भेजे – हम शांतिपूर्ण रहेंगे। किसान नेताओं ने बताया कि 30 जनवरी को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाएगा और सभी किसान नेता सुबह 9 से शाम 5 बजे तक उपवास रखेंगे।

धरने पर नहीं बैठेंगे अन्ना

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसानों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर कल शनिवार से विरोध नहीं करने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने उनके गृहनगर रालेगढ़ सिद्धि में अन्ना हजारे से मुलाकात की ताकि उन्हें विरोध प्रदर्शन शुरू न करने के लिए मनाया जा सके।

किसानों के लिए पानी का इंतजाम

दिल्ली सरकार के प्रदर्शनकारी किसानों के लिए सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर पानी के टैंकर मुहैया कराये हैं। किसानों ने पानी न मिलने की शिकायत की थी जिसके बाद दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है। शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गाजीपुर बॉर्डर पर और जल मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ राघव चड्ढा ने सिंघु बॉर्डर पर पहुंच किसानों के लिए पानी और शौचालय की व्यवस्था की।

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