90 साल की यह दादी अपने हाथों से पोटली-पर्स बनाकर बेचती हैं, विदेशों से भी मिलते हैं आर्डर

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चैतन्य भारत न्यूज

सपने पूरे करने की उम्र नहीं होती है। ये बात साबित की है असम की रहने वाली लतिका चक्रवर्ती ने, जिन्होंने 6 साल पहले बिजनेस शुरू किया था और आज वो हर जगह चर्चा में रहती हैं। लतिका 91 साल की हैं और इस उम्र में भी उनके जोश में कोई कमी नहीं दिखती है। तो चलिए जानें उनके इस सफर के बारे में….



लतिका चक्रवर्ती ऑनलाइन बिजनेस चलाती हैं। इस उम्र में वो ऑनलाइन बिजनेस में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी हैं। उनके बिजनेस में ना केवल दम है बल्कि बहुत खूबसूरत भी। लतिका अपने हाथों के हुनर के दम पर पोटली बैग बनाकर ऑनलाइन बेचती है।

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इंटरनेट पर उनकी अलग वेबसाइट है जिस पर उनके बनाए पोटली बैग मिलते हैं। इन बैग के खरीदार भारत के साथ ही अन्य देशों के भी होते हैं। उनका इंस्टाग्राम चैनल भी है। खास बात यह है कि ये बैग्स लतिका जी द्वारा खुद बनाए जाते हैं। साथ ही साथ, उन्हें सभी ऑर्डर भारत से मिलते हों ऐसा नहीं है, उन्हें जर्मनी, न्यूजीलैंड, ओमान जैसे देशों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। ये पोटली बैग्स बहुत खूबसूरत होते हैं और ये सभी एथिनिक लुक के साथ अच्छे लगते हैं।

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कैसे शुरू किया बिजनेस

असम के ढुबरी में पैदा हुईं लतिका जी देश के अलग-अलग कोने में रही हैं। उनके पति सर्वे ऑफ इंडिया में काम करते थे जिसके लिए उन्हें अलग-अलग जगह जाना होता था। ऐसे में उन्हें भारत की अलग-अलग जगहों की साड़ियां इकट्ठा कर ली। उन्हें साड़ियों को फेंकने की इच्छा नहीं थी। इसलिए उन्होंने इन साड़ियों का कुछ कुछ नया इस्तेमाल करने का सोचा। पहले उन्होंने साड़ियों की ड्रेस, स्वेटर और गुड़िया बनाना शुरू किया। इसके बाद पोटली बैग। उनके बनाए पोटली बैग परिवार वालों और दोस्तों को काफी पसंद आते थे।

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इसके बाद उन्हें विचार आया कि वो अपने इन बैग्स का इस्तेमाल बिजनेस के तौर पर कर सकती हैं और फिर शुरू हुआ Latika’s Bags। 2014 से उन्होंने इन पोटलियों को बनाना शुरू किया और अब तक कई पोटली बना चुकी हैं। लतिका काफी स्टाइलिश और फिनिशिंग के साथ यह बैग बनाती हैं। लतिका के पोटली बैग की खासियत यह है कि इनकी कीमत बहुत अधिक नहीं होती और इसे latikasbags.com पर 500 से लेकर 1500 रुपए के बीच खरीदा जा सकता है।

बैग बनाने के लिए मशीन है खास

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लतिका जी की ही तरह उनकी सिलाई मशीन भी बेहद खास है। उस सिलाई मशीन ने 64 साल से लतिका जी का साथ निभाया है। ये मशीन उन्हें उनके पति श्री कृष्ण लाल चक्रवर्ती ने दी थी। लतिका जी कहती हैं कि इसमें उन्हें पति का प्यार और लगाव दिखता है। लतिका अपनी प्रेरणा और काम के पीछे की लगन के बारे में बात करते हुए कहती हैं कि, ‘मैंने अपना जीवन काफी अनुशासित तरीके से जिया है। इससे मुझे काफी सुकून मिलता है।’ वह कहती हैं कि उन्हें जल्दी सो जाना और जल्दी उठना पसंद है। शायद यही उनके स्वस्थ्य रहने का राज भी है।

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