आरुषि-हेमराज हत्याकांड: 12 साल बीत गए, लेकिन आज तक नहीं सुलझी इस मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी

चैतन्य भारत न्यूज

मर्डर मिस्ट्री की हिस्ट्री में दर्ज हो चुकी आरुषि- हेमराज की हत्या आज भी पहेली बना हुआ है। आरुषि और हेमराज की हत्या को हुए 12 साल से अधिक बीत गए है, लेकिन आज तक सभी के जेहन में एक ही सवाल है कि आरुषि और हेमराज को किसने मारा, आखिर कौन है हत्यारा। न तो इन सवालों के जवाब अभी सीबीआई के पास ही है और न ही कोर्ट में ये साबित हो सका है कि दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली इस आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या आखिरकार किसने की थी।

ये है मामला

सेक्‍टर-25 स्थित जलवायु विहार में डेंटिस्‍ट डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नुपूर तलवार अपनी 14 साल की बेटी आरुषि तलवार के साथ रहते थे। आरुषि डीपीएस में नौवीं में पढ़ती थी। 15 और 16 मई की रात को घर में आरुषि का मर्डर हो गया। पहले तो मर्डर का शक उनके नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव भी छत पर मिला। उसके बाद शक तीन युवकों पर गया लेकिन उनको भी क्‍लीन चिट दे दी गई। फिर बाद में सीबीआई कोर्ट ने आरुषि के माता-पिता राजेश तलवार और नुपूर तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। वे जेल से ही अपने निर्दोष होने की लड़ाई लड़ते रहे। उसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीबीआइ जांच में कई खामियों को जिक्र करते हुए इस मामले में राजेश और नूपुर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इसी तरह जब सीबीआई ने तीन नौकरों को इस केस में आरोपी बनाया तो कोर्ट ने उसे भी झूठा साबित करतें हुए बरी कर दिया।

सोशल साइटों पर अब भी छाया रहता है आरुषि कांड

आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री देश ही नहीं विदेश में भी सोशल साइटों पर छाई रही थी। इंटरनेट पर आरुषि के पेज बना कर लोगों ने उसके लिए न्याय की मुहिम तक शुरू कर दी थी। एक लाख से ज्यादा लोगों ने सोशल साइटों पर जारी मुहिम में हिस्सा लिया था। इस घटना को 12 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब भी इस तारीख पर लोग सोशल मीडिया पर हत्यारे का पता लगाने की गुहार लगा रहे हैं।

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