अधिकमास की अमावस्या आज, बेहद खास होता है यह व्रत, जानिए आज के दिन क्या करें और क्या ना करें

चैतन्य भारत न्यूज

प्रत्येक मास में स्नान दान अमावस्या आती है, लेकिन अधिकमास अमावस्या का महत्व कुछ अलग है। इस बार अधिकमास अमावस्या 16 अक्टूबर यानी आज है। बता दें आज से पुरूषोत्तम मास समाप्त हो जाएगा और फिर अगले दिन यानी 17 अक्टूबर से आश्विन शुक्ल की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगी। अधिक मास का महीना 3 साल में एक बार आता है। जिसके कारण यह अमावस्या बहुत ही खास है।

अधिकमास की अमावस्या को कई परेशानियों और दुखों के निवारण के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि अधिकमास की आखिरी अमावस्या को दान करने से जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहती है। अमावस्या पर भूखे को भोजन कराने से कभी शारीरिक परेशानियां नहीं होती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में…

कार्य होंगे संपन्न

  • इस दिन प्रातःकाल स्नान संकल्पपूर्वक व्रत करना चाहिए तथा विष्णुकांता के नीले पुष्प चढ़ाकर भगवती की प्रसन्नता के लिए घी, दूध तथा सुहाग की सामग्री एवं शहद और लाल वस्त्र का दान करना चाहिए।
  • इस दिन जातक को यथा शक्ति दान करना चाहिए एवं योग्य दुखी पात्र की अपने हाथों से सेवा करनी चाहिए। ऐसा करने से सभी मनोरथ संपन्न होते हैं।

करें ये काम

  • प्रातः काल किसी नदी या सरोवर पर स्नान करें।
  • इसके बाद भगवान शंकर, पार्वती और तुलसी की ग्यारह परिक्रमा करें।
  • याद रखें प्रत्येक परिक्रमा में कोई वस्तु चढ़ाएं।

धन की कमी दूर करने के लिए करें ये उपाय, मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा

  • इसके पश्चात वे सभी वस्तुएं किसी योग्य पात्र को दान करें।
  • दिनभर भगवान शंकर के मंत्रों का मानसिक जाप करें।
  • शाम के समय सरसों के तेल का दीपक पीपल के वृक्ष पर जलाकर व्रत संपन्न करें।

ये काम भूलकर भी ना करें

  • अमावस्या पर भूत-प्रेत, पितृ, पिशाच, निशाचर जीव-जंतु और दैत्य ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इसकी वजह से हमारे चारो ओर नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती है इसलिए अमावस्या की रात को किसी सुनसान जगह पर जाने से बचना चाहिए खासतौर पर श्मशान की तरफ तो कभी भूलकर भी नहीं जाना चाहिए।
  • अमावस्या पर घर में लड़ाई-झगड़े से बचना चाहिए। अगर आप घर में अमावस्या पर परिवार के सदस्यों से वाद-विवाद करते हैं तो इस दिन पितरों की कृपा नहीं मिलती है इसलिए इस दिन घर में शांति का वातावरण बनाएं रखना चाहिए।
  • अमावस्या पर पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए। गरुण पुराण के अनुसार अमावस्या पर संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान जीवन में कभी भी सुखी नहीं रह पाती है।
  • आपकी आदत रोज सुबह देर से उठने की है तो अमावस्या के दिन ऐसा न करें। इस दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए और स्नान करने के बाद सूर्य देवता को जल चढ़ाएं।
  • अमावस्या पर तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए साथ ही इस दिन किसी भी प्रकार का नशा भी नहीं करना चाहिए।

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