कृषि बिल विरोध: पीएम मोदी ने कहा- बिचौलियों का साथ दे रहे हैं कुछ लोग, इनसे किसानों को सतर्क रहना है

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में एक पुल समेत 12 रेल परियजानाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कई बातों का जिक्र किया जिसमें कृषि बिल भी शामिल है। पीएम मोदी ने कहा कि, कुछ दल किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। इन अध्यादेशों से किसानों को बहुत फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जितना काम किसानों के लिए कभी नहीं हुआ था वह इन 6 सालों में हुआ। इससे किसान सभी बंधनों से मुक्त हो जाएगा और वह अपनी फसल खुद उगा कर अपनी कमाई बढ़ाएगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल विश्वकर्मा जयंती के दिन लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किए गए हैं। इन विधेयकों ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है। इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प और ज्यादा अवसर मिलेंगे। मैं देश के किसानों को इन विधेयकों के लिए बधाई देता हूं। ये विधेयक किसानों और ग्राहकों को बिचौलियों से बचाने के लिए लाए गए।

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि, किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे। ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं। लेकिन कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वो लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम ने कहा कि लेकिन कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वो लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, किसानों से झूठ बोल रहे। चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लिखित में करते थे, अपने घोषणापत्र में डालते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे। और आज जब वही चीजें एनडीए सरकार कर रही है, किसानों को समर्पित हमारी सरकार कर रही है, तो ये भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं।

पीएम ने कहा कि अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को MSP का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है। हमारी सरकार किसानों को MSP के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी।

आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए

पीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद, दुनिया में कहीं भी बेच सकता है, जहां चाहे वहां बेच सकता है। लेकिन केवल मेरे किसान भाई-बहनों को इस अधिकार से वंचित रखा गया था। अब नए प्रावधान लागू होने के कारण, किसान अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में, अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेगा। मैं आज देश के किसानों को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए। इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना है। ऐसे लोगों से सावधान रहें जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं।

सरकार ने पेश किए थे 3 बिल

मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सरकार की ओर से कृषि में सुधार के कार्यक्रमों को लागू करने और किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से लाए गए 3 विधेयक लोकसभा में पेश किए गए। ये तीनों विधेयक कोरोना काल में 5 जून, 2020 को अधिसूचित 3 अध्यादेशों का स्थान लेंगे।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 और किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्य आश्वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 लोकसभा में पेश किया जबकि आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री राव साहेब पाटिल दानवे ने पेश किया था।

विधेयक के बारे में कृषि मंत्रालय की ओर से कहा गया कि किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 में एक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके तहत किसान और व्यापारी विभिन्न राज्य कृषि उपज विपणन विधानों के तहत अधिसूचित बाजारों के भौतिक परिसरों या सम-बाजारों से बाहर पारदर्शी और बाधारहित तरीके से खरीद-फरोख्त कर सकेंगे।

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