कोरोना के हल्के लक्षण होने पर ना कराएं CT-SCAN, कैंसर का खतरा, 300 एक्सरे के बराबर होता है रेडिएशन: डॉ. गुलेरिया

चैतन्य भारत न्यूज

देशभर में कोरोना के हालात को देखते हुए सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फेंस की। इसमें एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि, कोविड की शुरुआत में सीटी स्कैन करने का कोई फायदा नहीं। कई बार पैचेज आते हैं, लेकिन इलाज के साथ वो खत्म हो जाते हैं।

दरअसल, कोरोना की नई लहर में कई बार ऐसी खबरें प्रकाश में आई हैं कि संक्रमण का पता RT-PCR टेस्ट में नहीं चल रहा है। फिर मरीजों को सिटी स्कैन (CT-SCAN) कराना पड़ रहा है। ऐसे में डॉ। गुलेरिया ने आगाह किया है कि, सिटी स्कैन का इस्तेमाल सोच समझकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आपको कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन आरटी-पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो ऐसे में आपको सबसे पहले तो आइसोलेट हो जाना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर उपचार शुरू कर देना चाहिए।

डॉ. गुलेरिया ने कहा है कि, होम आइसोलेशन में रह रहे लोग अपने डॉक्टर से संपर्क करते रहें। सेचुरेशन 93 या उससे कम हो रही है, बेहोशी जैसे हालात हैं, छाती में दर्द हो रहा है तो एकदम डॉक्टर से संपर्क करें।

उन्होंने कहा कि, ‘एक सीटी से 300 एक्सरे के बराबर रेडिएशन होता है। इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। चेस्ट एक्स रे के बाद ही जरूरत पड़ने पर डॉक्टर उचित परामर्श दे सकते हैं कि सीटी करने की जरूरत है या नहीं।’

उन्होंने कहा कि, ‘बायो मार्कर्स यानी खून की जांच भी अपने मन से ना कराएं। खुद से खुद के डॉक्टर ना बनें। कई लोग हर तीन महीने बाद अपने मन से सीटी करा रहे हैं जोकि गलत है। माइल्ड सिम्पटम वालों को साधारण दवाओं से फायदा हो जाता है। स्टाइरॉइड लेने की जरूरत नहीं। हाइड्रो स्टाइरॉइड्स तो गंभीर संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए होता है। वहीं उन्होंने घर पर इलाज करा रहे लोगों से कहा कि ऐसे लोग अपने डॉक्टर से संपर्क करें। वो आपकी जरूरत के मुताबिक अस्पताल में दाखिल होने की सलाह देंगे।’

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