देश की बेटियां आज रचेंगी इतिहास: नॉर्थ पोल पर दुनिया के सबसे लंबे एयर रूट पर भरेंगी उड़ान, इतिहास में दर्ज होगा नाम

चैतन्य भारत न्यूज

देश की चार बेटियां शनिवार को उत्तरी ध्रुव के ऊपर से दुनिया का सबसे लंबा हवाई सफर पूरा कर इतिहास रचने वाली है। एयर इंडिया के महिला पायलटों की यह टीम अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से उड़ान भरकर नॉर्थ पोल से होते हुए 9 जनवरी को बेंगलुरु पहुंचने वाली हैं। इस दौरान ये महिला पायलट करीब 16,000 किलोमीटर का उड़ान भरेंगी।

एअर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तरी ध्रुव में उड़ान भरना बेहद चुनौतीपूर्ण है और एयरलाइन कंपनियां इस मार्ग पर अपने सर्वश्रेष्ठ और अनुभवी पायलटों को ही भेजती हैं। इस बार एअर इंडिया ने सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु तक के ध्रुवीय मार्ग से यात्रा के लिए एक महिला कैप्टन को जिम्मेदारी सौंपी है। जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया की कैप्टन जोया अग्रवाल इस उड़ान की कमान संभालेंगी और उनकी अगुवाई में यह टीम 9 जनवरी को कीर्तिमान रचने के लिए उत्सुकता के साथ इंतजार कर रही है।

कैप्टन जोया ने यह कहा

कैप्टन जोया ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि, ‘दुनिया में ज्यादातर लोग नॉर्थ पोल को नहीं देखे होंगे, यहां तक कि अपनी पूरी जिंदगी में इसके नक्शे को भी नहीं देखा होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और हमारे फ्लैग करियर ने मुझ पर जो विश्वास जताया है उससे मैं बहुत ही खुशी महसूस कर रही हूं। बोइंग 777 की सैन फ्रांसिस्को-बेंगलुरु उड़ान के उद्घाटन को कमांड करना एक स्वर्णिम अवसर है। यह नॉर्थ पोल से होकर उड़ान का दुनिया के सबसे लंबे रूट में से एक है।’

जिंदगी में जुड़ेगा कीर्तिमान

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे इस बात का बेहद गर्व है कि मेरे पास अनुभवी महिलाओं की टीम है जिसमें कैप्टन थनमाई पपागरी, आकांक्षा सोनावने और शिवानी मनहस शामिल हैं। दुनिया में ऐसा पहली बार होगा जब उत्तरी ध्रुव के ऊपर से ऐसी उड़ान होगी जिसमें सभी पायलट महिलाएं होंगी। यह अपनी तरह का एक नया कीर्तिमान होगा। वास्तव में किसी पेशेवर पायलट के लिए यह सपना सच होने जैसा है। यह सोचकर सातवें आसमान पहुंच जाती हूं कि मैं उत्तरी ध्रुव के ऊपर से सबसे बड़े हवाई सफर पर विमान उड़ाऊंगी। जब हम उत्तरी ध्रुव के ऊपर से गुजरेंगे तो कैंपस की सुइयां 180 डिग्री पर घूम जाएंगी और हमारे जिंदगी में नया कीर्तिमान जुड़ जाएगा।

विशेषज्ञों का क्या कहना है

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी ध्रुव के ऊपर से होकर गुजरने वाला पोलर रूट चुनौतियों से भरा है। विमानन कंपनियां इस पर अपने सबसे कुशल और अनुभवी पायलट को ही भेजती हैं। एयर इंडिया ने इस बार यह जिम्मेदारी बेटियों को सौंपी है।

पहले भी रच चुकी हैं कीर्तिमान

वैसे यह पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कैप्टन जोया एक और कीर्तिमान रच चुकी है। वह एअर इंडिया की सबसे कम उम्र में बोइंग-777 को उड़ाने वाली महिला पायलट भी हैं। 2013 में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘मैं दुनिया में बोइंग-777 की सबसे कम उम्र की महिला कमांडर हूं। महिलाओं को खुद पर यकीन करना चाहिए भले ही उनके ऊपर समाज का किसी भी तरह का दबाव क्यों न हो।’

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